06 April, 2025 (Sunday)

Surya Grahan 2020 India Timing: 1 घंटे बाकी, सूर्य ग्रहण से पहले जरूर करें ये काम; सूतक काल में यह भी जरूरी

Surya Grahan 2020 Today, Surya Grahan Today Start Time, Surya Grahan 2020 India Timing वर्ष 2020 का आज आखिरी सूर्य ग्रहण लग रहा है। दिसंबर महीने में लगने वाला यह सूर्य ग्रहण हमारे देश भारत में नहीं देखा जा रहा, लेकिन प्रशांत महासागर, हिंद महासागर, अमरीका, अफ्रीका में सूर्य ग्रहण देखा जा सकेगा। सूर्य ग्रहण का मनुष्य के जीवन पर सकारात्मक और नकारात्मक दोनों ही असर पड़ता है। अत: ग्रहण काल में जाप, ईश्वर का सुमिरन करना चाहिए। सूर्य के बीज मंत्र और महामृत्युंजय मंत्र का जाप श्रेयकर होगा। ग्रहण की समाप्ति के बाद पवित्र जल से स्नान करें। इसके बाद ही भोजन, पानी आदि ग्रहण करें।

सूतक काल

आंशिक असर होने के कारण भारत में सूतक काल नहीं लगेगा। हालांकि, एहतियात आवश्यक है। इस दौरान कोई भी शुभ कार्य, मंदिर में पूजा अर्चना आदि वर्जित माना गया है लेकिन जाप में मनाही नहीं है। सूर्य ग्रहण के दौरान संभव हो तो न ही सोये। इस दौरान सोने से नकारात्मक असर पड़ता है।

जरूर करें गरीबों को दान

दान-पुण्य का विशेष महत्व माना जाता है। इससे राशि पर पड़ने वाला बुरे प्रभाव का असर कम होता है। ऐसे में ग्रहण के बाद स्नान आदि से निवृत होने के बाद गरीब जरूरतमंदों को यथा संभव दान देना चाहिए। इससे ईश्वर तो प्रसन्न होते ही हैं गरीबों की संतुष्टि से हर बला दूर होती है।

इस साल आज आखिरी सूर्यग्रहण लग रहा है। दिसंबर महीने की 14 तारीख, सोमवार को लग रहे 2020 का आखिरी सूर्य ग्रहण करीब 5 घंटे तक रहेगा। यह खंडग्रास सूर्यग्रहण होगा। भारतीय समय के अनुसार यह शाम सात बजकर चार मिनट से शुरू होगा। ग्रहण का प्रभाव मध्‍य रात्रि 12 बजकर 23 मिनट तक रहेगा। खंडग्रास सूर्यग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं, बच्‍चों और बुजुर्गों का खास ध्‍यान रखें।

ज्‍योतिषविदों की मानें तो सूर्यग्रहण भारत में नहीं दिखेगा। हालांकि इसके अच्‍छे-बुरे असर लोगों को प्रभावित करेगा। ग्रहण के दौरान लोगों को अतिरिक्‍त एहतियात बरतने और सावधान की जरूरत है। ग्रहण के बाद स्‍नान-दान करना चाहिए। ग्रहण के नकारात्‍मक प्रभाव से बचने के लिए इस दौरान भगवान का नाम लेने, अपने आराध्‍य की उपासना करने की हिदायत की गई है।

कैसे लगता है सूर्यग्रहण

जब पृथ्‍वी व सूर्य के बीच चंद्रमा आ जाता है, तब सूर्यग्रहण लगता है। ग्रहण का मानवी जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है। ग्रहण के दौरान सूर्य के आंशिक रूप से ढंक जाने पर खंडग्रास लगता है। इस बार सूर्यग्रहण रात में लग रहा है, भारत में यह नहीं दिखेगा। सौर विज्ञानियों के मुताबिक सूर्यग्रहण को कभी नंगी आंखों से नहीं देखना चाहिए।

सूतक काल में बचकर रहें

इस बार सूर्यग्रहण का स्‍पर्शकाल शाम 7 बजकर 4 मिनट है। मध्‍यकाल 9 बजकर 45 मिनट, सम्मिलन काल 8 बजकर 2 मिनट, मोक्षकाल और ग्रहण की समाप्ति का समय रात 12 बजकर 23 मिनट बताया गया है। इस ग्रहण का असर प्रशांत महासागर, हिंद महासागर, अमेरिका, अफ्रीका, अटलांटिक और अंटार्कटिका के वृहद इलाके में पड़ेगा। सूतक काल में भोजन करना, सोना प्रतिबंधित है। इस समय ईश्‍वर और अपने इष्‍टदेव की प्रार्थना करनी चाहिए।

यहां नहीं लगेगा सूतक काल

ग्रहण का आंशिक असर होने के कारण भारत में सूतक काल नहीं लगेगा। हालांकि, एहतियात आवश्यक है। इस दौरान कोई भी शुभ कार्य, मंदिर में पूजा-अर्चना आदि वर्जित माना गया है, लेकिन जाप में मनाही नहीं है। सूर्य ग्रहण के दौरान संभव हो तो न सोएं। इस दौरान सोने से नकारात्मक असर पड़ता है।

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