50 वर्ष के पार उम्र के कर्मचारियों की स्क्रीनिंग का निर्णय वापस ले सरकार – प्रभुनंद उपाध्याय



कुशीनगर : राज्य सरकार ने 31 मार्च 2022 तक 50 वर्ष पूर्ण कर लेने वाले कर्मचारियों की स्क्रीनिंग कराकर उसके रिपोर्ट मांगी है ,इसको लेकर कर्मचारियों में आक्रोश है। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष प्रभु नंद उपाध्याय ने कहा कि सरकार अपना यह निर्णय तत्काल वापस ले नहीं तो कर्मचारी सड़कों पर उतर कर इसका विरोध करेंगे ।उन्होंने कहा कि सरकार के द्वारा जहां भारतीय प्रशासनिक सेवा जैसे अन्य सेवाओं में भी कार्यरत अधिकारियों की सेवा की उम्र लगातार बढ़ाने पर विचार की जा रही है
वहीं कर्मचारियों कि 50 वर्ष के बाद स्क्रीनिंग करा कर जिला स्क्रीनिंग कमेटी से रिपोर्ट मांगी जा रही है, जो न्याय संगत नहीं है ।सच्चाई तो यह है कि 50 वर्ष की उम्र पार करने वाले कर्मचारी के पास अधिक अनुभव रहता है, जिसका लाभ देखने को मिलता है । लेकिन सरकार के द्वारा जिले स्तर पर स्क्रीनिंग कमेटी से रिपोर्ट मांगने के बाद कर्मचारियों का शोषण होने की संभावना बढ़ गई है। सरकार की मंशा भी कर्मचारियों के छटनी करने की दिख रही है। ऐसे में राज्य संयुक्त कर्मचारी परिषद इसका कड़ा विरोध करता है और यदि सरकार अपने इस निर्णय को वापस नहीं लेती है तो कर्मचारी सड़कों पर उतर कर इसका विरोध करेगा ।राज्य संयुक्त कर्मचारी परिषद के जिला महामंत्री विनोद कुमार दुबे ने भी कहा कि सरकार यदि निर्णय अपने वापस नहीं लेती है तो हम चुप नहीं बैठेंगे और इसका कड़ा विरोध करेंगे।