गोल्डनकार्ड बनवाने का आज आखिरी दिन आज चूके तो नहीं मिल पायेगा आयुष्मान योजना का लाभ



कन्नौज। मकरंदनगर कन्नौज के ग्राम गदनपुर निवासी लाभार्थी गंगाराम सिंह बताते हैं कि उनकी आंखों में मोतियाबिंद हो जाने की वजह से कम दिखता था ।एक प्राइवेट अस्पताल में दिखाया तो चिकित्सक ने कहा अब एक ही रास्ता है ऑपरेशन कर आंखों में लेंस डालना। आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण ऑपरेशन नहीं हो पा रहा था, गरीबी ने अस्पताल जाने वाले पांव को रोक दिया था। आंखों की रोशनी चली जाने के कारण जीवन अंधकारमय हो गया था। गंगाराम बताते हैं कि उनके घर प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के पंजीकरण का पत्र पहुंचा था। उसी आधार पर मेरा गोल्डन कार्ड बन गया।जिससें पांच लाख तक का इलाज कराने की सुविधा मिल गई। इसकी मदद से उन्हें रामा आई सेंटर कन्नौज में भर्ती कराया गया। जिसके तहत वह मुफ्त इलाज करा सके।
आयुष्मान योजना उनके जीवन में नई रोशनी लेकर आई।किसी भी व्यक्ति के लिये आयुष्मान से लाभ लेना बहुत ही आसान है पर हर लाभार्थी परिवार में एक गोल्डन कार्ड होना अति आवश्यक है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक लाभार्थी परिवार में आयुष्मान योजना का गोल्डन कार्ड पहुंचे। इसके लिए जिले के सभी ब्लॉकों में एक दिन में तीन गांवों में शिविर लगाकर गोल्डन कार्ड बना रही है। मुख्य चिकित्साधिकारी डा.के.स्वरूप बताते हैं कि जिन लाभार्थी परिवारों के अब तक गोल्डन कार्ड नहीं बने हैं उन परिवारों के गोल्डन कार्ड बनाए जाने के लिए आज विशेष मौका है।
आयुष्मान भारत योजना के तहत जिले में गोल्डन कार्ड बनाने का काम युद्व स्तर पर चल रहा हैं। 15 दिसम्बर से चले शुरू हुए अभियान में महकमे ने अभी तक आठ हजार से अधिक लोगों के गोल्डन कार्ड बनाए हैं। योजना के नोडल डॉ. जे.पी. सलोनिया ने बताया कि इसके लिए क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता को लाभार्थी परिवार और उनके सदस्यों को जन सेवा केंद्र या कामन सर्विस सेन्टर तक ले जाकर उनका गोल्डन कार्ड बनवाना है। इस काम में ग्राम प्रधान व कोटेदारों से भी मदद ली जा रही हैं। इस आधार पर जनपद में अधिक लाभार्थी संख्या वाले गांव चुने गये हैं जिनमें चिन्हित जगहों पर शिविर लगाकर गोल्डनकार्ड बनाए जा रहे है। ताकि आने वाले समय में शत प्रतिशत गोल्डन कार्ड बनाया जा सके।
जिला प्रोग्राम क्वार्डिनेटर डॉ.सतेन्द्र कुमार ने बताया कि जनपद में कुल लाभार्थी परिवार 1 लाख 18 हजार 680 हैं, जिसमें लगभग 1 लाख 9 हजार लाभार्थियों का गोल्डन कार्ड बन चुका है। लगभग 4710 लोगों को इस योजना के अंतर्गत इलाज मिल चुका है। उन्होंने लोगों से अपील की कि अभी तक जिनका गोल्डन कार्ड नहीं बन सका है तो अब न चुके। वरना इस योजना से आप वंचित हो सकते हैं। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए अत्यंत लाभदायक है जिसका लाभ बहुत परिवारों को मिल रहा है।