06 April, 2025 (Sunday)

Delhi Metro Phase-4 News: कुतुबमीनार के कारण तुगलकाबाद-एरोसिटी कॉरिडोर के रूट में बदलाव, जानें- क्या होगा फायदा

Delhi Metro Phase-4 News:  दिल्ली मेट्रो फेज चार के तुगलकाबाद-एरोसिटी मेट्रो कॉरिडोर (सिल्वर) लाइन के प्रस्तावित पुराने रूट में बदलाव किया गया है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा आपत्ति उठाने के बाद दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) ने इस कॉरिडोर के रूट में बदलाव किया है। अब यह कॉरिडोर नेब सराय, छतरपुर मंदिर के नजदीक से होकर गुजरेगा। इस वजह से इसकी लंबाई भी 3.6 किलोमीटर बढ़ गई है। साथ ही चार स्टेशन बदल गए हैं। पहले इस कॉरिडोर की लंबाई 20 किलोमीटर प्रस्तावित थी। इस कॉरिडोर का ज्यादातर हिस्सा भूमिगत है। इसे महरौली में आर्कियोलॉजिकल पार्क के नीचे से गुजरना था, जो कुतुबमीनार के नजदीक है। इस वजह से भारतीय पूरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने प्रस्तावित कॉरिडोर पर आपत्ति उठाई थी। अब इस कॉरिडोर की लंबाई बढ़कर 23.60 किलोमीटर हो गई, जिसका 19.3 किलोमीटर हिस्सा भूमिगत व 4.3 किलोमीटर हिस्सा एलिवेटेड होगा।

डीएमआरसी का कहना है कि यह बदलाव हाल फिलहाल नहीं बल्कि कुछ समय पहले ही हो गया था। इस कॉरिडोर को तुगलकाबाद फोर्ट के नजदीक से होकर भी गुजरना था। इसलिए संसदीय समिति ने 16 अक्टूबर 2018 को तुगलकाबाद फोर्ट का भी दौरा कर प्रस्तावित रूट का निरीक्षण किया था, लेकिन वहां रूट में अभी तक कोई बदलाव नहीं किया गया है।

बदले चार स्टेशन

इस मेट्रो लाइन पर कुल 15 स्टेशन होंगे। इसके तहत पहले लाडो सराय, महरौली, किशनगढ़ व मसूदपुर में मेट्रो स्टेशन बनने थे, लेकिन अब नेब सराय, इग्नू, छतरपुर मंदिर व छतरपुर मेट्रो स्टेशन होंगे। पहले साकेत में इंटरचेंज स्टेशन बनना था, लेकिन अब छतरपुर में इंटरचेंज स्टेशन बनेगा।

इस मेट्रो कॉरिडोर पर बनना है छह लेन का फ्लाईओवर

यह दिल्ली का पहला डबल डेकर कॉरिडोर होगा। संगम विहार से अंबेडकर नगर के बीच छह लेन का फ्लाईओवर बनेगा। उसके ऊपर मेट्रो का एलिवेटेड कॉरिडोर होगा। इसके अलावा अंबेडकर नगर से साकेत के जी ब्लॉक के बीच अंडरपास बनेगा। एलिवेटेड कॉरिडोर का काम शुरू हो गया है, लेकिन अभी तक भूमिगत हिस्से का काम शुरू नहीं हुआ है।

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