05 June, 2026 (Friday)

मित्र का शोक हृदय और आत्मा को भी जला…अजित दादा को याद कर सीएम फडणवीस हुए भावुक

महाराष्ट्र विधानमंडल के बजट सत्र के दौरान विधानसभा में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रदेश के उप मुख्यमंत्री रहे दिवंगत अजित पवार को याद करते हुए भावुक होते नजर आए। उन्होंने कहा कि भविष्य में बड़ी पारी खेलने की उम्मीद के बीच जीवन का समय चूक जाने से दादा के निधन ने जो शून्य पैदा किया है, वह स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।

मित्र का शोक हृदय और आत्मा को भी जला देता है
इस दौरान उन्होंने बेहद ही हृदयविदारक बात कही। उन्होंने कहा कि महाकवि भास के नाटक ‘स्वप्नवासवदत्तम्’ में एक सुभाषित है कि, लकड़ी जलती है तो आग केवल शरीर को जलाती है, लेकिन मित्र का शोक हृदय और आत्मा को भी जला देता है। अजित पवार के निधन से आज मेरे सामने वही स्थिति है। सीएम ने कहा कि उनके जैसा सच्चा मित्र और सहयोगी खोना सिर्फ राजनीतिक क्षति नहीं बल्कि सबके हृदय को पीड़ा देने वाली बात है। कुछ घावों पर समय मरहम होता है, लेकिन अजित दादा के जाने का दुख कभी कम नहीं होगा।

कहां से शुरु करूं कुछ समझ नहीं…
सीएम फडणवीस ने कहा कि आज कहां से बोलना शुरु करूं और कहां खत्म कुछ समझ नहीं आ रहा है। मन में बस एक तूफान सा उठ रहा है। हमने कभी सोचा नहीं था कि ऐसे शोक प्रस्ताव पर बोलना पड़ेगा। सदन में जब भी नजर बगल की सीट पर जाती थी, दादा वहीं बैठे दिखाई देते थे। सुबह से देर रात तक सदन चलता, लेकिन वे अपनी जगह पर डटे रहते थे। आज दुर्भाग्य से वे हमारे बीच नहीं हैं।
उन्होंने बताया कि इस साल दादा अजित पवार अपना 12वां बजट पेश करते और अगले साल 13वां बजट पेश कर बैरिस्टर शेषराव वानखेड़े के रिकर्ड की बराबरी करते। संभव है कि वे सबसे अधिक बजट पेश करने वाले वित्त मंत्री बनते। लेकिन उनके अचानक निधन के कारण बजट पेश करने की जिम्मेदारी अब मुझ पर आ गई है।

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