भारत दौरे से तारिक रहमान की दूरी, बांग्लादेश की राजनीति में क्यों बढ़ रही नई चुनौती? डिटेल में पढ़ें
India Bangladesh Relations : बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने फिलहाल भारत की यात्रा नहीं करने का फैसला किया है। बांग्लादेशी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ढाका की ओर से अभी भारत दौरे को लेकर कोई योजना नहीं बनाई गई है। इस फैसले को दोनों पड़ोसी देशों के रिश्तों और बांग्लादेश की घरेलू राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
रिपोर्ट्स में विदेश मंत्रालय के अधिकारियों और राजनयिक सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि तारिक रहमान सरकार भारत के साथ संबंधों को लेकर सतर्क रुख अपना रही है। हालांकि, दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है और पहले के मुकाबले तनाव में कुछ कमी भी आई है।
भारत की जगह मलेशिया और चीन को चुना
प्रधानमंत्री बनने के बाद शुरुआती समय में तारिक रहमान के भारत दौरे को लेकर उम्मीद जताई जा रही थी। माना जा रहा था कि वह भारत के साथ रिश्तों को मजबूत करने के लिए नई दिल्ली की यात्रा को प्राथमिकता देंगे।
लेकिन चुनाव के बाद उन्होंने अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए मलेशिया का चयन किया। इसके बाद उन्होंने चीन का दौरा भी किया। अब तक उनकी भारत यात्रा को लेकर कोई आधिकारिक कार्यक्रम सामने नहीं आया है।
BNP सरकार से रिश्तों में बदलाव की उम्मीद
तारिक रहमान के नेतृत्व वाली BNP सरकार के सत्ता में आने के बाद उम्मीद थी कि भारत और बांग्लादेश के संबंधों में सुधार आएगा। इससे पहले अंतरिम सरकार के कार्यकाल में दोनों देशों के बीच कुछ मुद्दों को लेकर तनाव बढ़ गया था। हालांकि, नई सरकार आने के बाद दोनों देशों के रिश्तों में कुछ स्थिरता जरूर आई है, लेकिन कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अभी भी बातचीत और सहमति की जरूरत है।
घरेलू राजनीति का दबाव
बांग्लादेश की नई सरकार को देश के अंदर कई राजनीतिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार पर कट्टरपंथी समूहों का भी दबाव बताया जा रहा है। वहीं, भारत और बांग्लादेश के बीच कुछ पुराने विवाद अभी भी बने हुए हैं। इनमें सीमा सुरक्षा, नदी जल बंटवारा और अवैध प्रवासियों का मुद्दा प्रमुख है।
जल बंटवारे को लेकर मतभेद
भारत और बांग्लादेश के बीच पानी के बंटवारे से जुड़ी महत्वपूर्ण संधि इस साल दिसंबर में खत्म होने वाली है। अभी तक दोनों देशों के बीच इसे आगे बढ़ाने को लेकर कोई अंतिम सहमति नहीं बनी है। बांग्लादेश ने उम्मीद जताई है कि भारत पानी के मुद्दे पर सकारात्मक फैसला करेगा। वहीं, दोनों देशों के बीच इस विषय पर बातचीत जारी रहने की संभावना है।
अवैध प्रवासियों का मुद्दा भी बना चुनौती
भारत और बांग्लादेश के बीच अवैध घुसपैठ का मुद्दा भी लंबे समय से विवाद का कारण रहा है। ढाका ने भारत पर आरोप लगाया है कि कुछ लोगों को जबरन सीमा पार भेजा जा रहा है। वहीं, भारत का कहना है कि अवैध रूप से रह रहे लोगों को स्वीकार नहीं किया जा सकता। इस मुद्दे को लेकर कई बार दोनों देशों की सीमा पर तनाव की स्थिति भी बन चुकी है।
भारत और बांग्लादेश के रिश्ते ऐतिहासिक, आर्थिक और रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में तारिक रहमान का भारत दौरा टलना दोनों देशों के संबंधों में आगे की दिशा को लेकर चर्चा का विषय बन गया है।
