10 July, 2026 (Friday)

सुष्मिता देव, सुखेंदु शेखर रॉय और प्रकाश चिक बराइक ने क्यों छोड़ी TMC? BJP ज्वाइन करते ही बताया

तृणमूल से बगावत के बाद इस्तीफा देने वाले तीन पूर्व सांसदों ने आज भाजपा ज्वाइन कर लिया है। भाजपा ज्वाइन करने के बाद उन्होंने जानें क्या कहा?
तृणमूल कांग्रेस (TMC) से बगावत करने वाले नेता सुष्मिता देव, सुखेंदु शेखर रॉय और प्रकाश चिक बराइक गुरुवार (9 जुलाई) को कोलकाता में भारतीय जनता पार्टी (BJP) में औपचारिक रूप से शामिल हो गए। ममता की पार्टी तृणमूल के भीतर बढ़ती बगावत के बीच TMC से इस्तीफ़ा देने के कुछ हफ़्ते बाद ही तीनों नेताओं ने यह कदम उठाया, जिसकी संभावना जताई जा रही थी। इन तीनों नेताओं को पश्चिम बंगाल BJP अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य और अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में पार्टी के साल्ट लेक ऑफ़िस में BJP में शामिल किया गया।
सामिक भट्टाचार्य ने बीजेपी के झंडे देकर तीनों नेताओं का स्वागत किया और कहा कि उनके राजनीतिक अनुभव से राज्य में भाजपा मज़बूत होगी। तीनों बागी नेताओं का भाजपा में शामिल होना ऐसे समय में हुआ है जब ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में हार के बाद अंदरूनी कलह का सामना कर रही है।

भाजपा ज्वाइन करने के बाद नेताओं ने क्या कहा

सुखेंदु शेखर राय ने कहा, आर जी कर के समय में अकेला संसद विरोध किया था। देश में 800 सांसद है लेकिन आजकल के समय पर किसी ने आवाज नहीं उठाया। सिर्फ अकेला मैंने आवाज उठाई इसीलिए मुझे लगातार कोलकाता पुलिस के हेडक्वार्टर लाल बाजार में बुलाया गया। जो लोग हर वक्त टीवी पर छाए रहते हैं उनलोगों ने भी कुछ नहीं कहा। मुझे जान से मारने की धमकी भी दी गई थी। भाजपा तृणमूल के भ्रष्टाचार के खिलाफ है इसलिए मैंने बीजेपी ज्वाइन किया।ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस के भविष्य के बारे में जितना कम कहा जाए उतना ही अच्छा है।
सुष्मिता देव ने कहा, “विकास और डेवलपमेंट को देखकर ही मैं बीजेपी में शामिल हुई हूं।यह बहुत आसान है। अगर आप संगठन के प्रति समर्पित हैं और लोगों की सेवा करना चाहते हैं, तो BJP ही एक ऐसी पार्टी है जो मेरिट (योग्यता) के आधार पर काम करती है, न कि पक्षपात, ‘किचन कैबिनेट’ या गुटबाजी के आधार पर। अगर आप INDIA गठबंधन और उसमें शामिल पार्टियों को देखें, तो वहां सब कुछ गुटबाजी और ‘किचन कैबिनेट’ का ही खेल है।”टीएमसी छोड़ने के बाद सुष्मिता देव ने कहा कि उनका फ़ैसला राजनीतिक और व्यक्तिगत, दोनों कारणों पर आधारित था। मैंने TMC क्यों छोड़ी, यह एक लंबी कहानी है। मैं ऐसी स्थिति में नहीं रहना चाहती जहां मैं एक साथ दो नावों पर सवार रहूं। मैं ममता दीदी पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगी।”
तीनों नेताओं ने पिछले महीने TMC और राज्यसभा नेता के पद से इस्तीफ़ा दे दिया था। सुष्मिता देव और सुखेंदु शेखर राय के कुछ समय बाद ही प्रकाश चिक बराइक ने भी राज्यसभा से इस्तीफ़ा दे दिया, जिससे TMC के भीतर असंतोष को लेकर चिंताएं और बढ़ गईं। बराइक ने अपने पत्र में लिखा, “मैं इसके द्वारा राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफ़ा देता हूं। कृपया तत्काल प्रभाव से मेरा इस्तीफ़ा स्वीकार करें।”

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