त्वचा के हिसाब से चुनेंगे सही साबुन तो नहीं होगी ड्रायनेस और रैशेज की समस्या



नहाने के बाद शरीर, हाथों में बहुत तेज खुजली होती है तो इसका इलाज मॉइश्चराइज़ लगाना बेशक है लेकिन साथ ही साथ यह साबुन का गड़बड़ी भी हो सकती है। मतलब केमिकल वाले साबुन त्वचा को ज्यादा रूखा बना सकते हैं इसलिए इन्हें भी खरीदते समय अपने स्किन टाइप का ध्यान रखें।
एंटीबैक्टीरियल साबुन
बाजार में मिलने वाले साबुन में ट्राइक्लोसन और ट्राइक्लोकार्बन जैसे एंटीबैक्टीरियल तत्व मौजूद होते हैं, जिसके ज्यादा इस्तेमाल से त्वचा ड्राई हो सकती है, ऑयली स्किन वालों के लिए ऐसे साबुन ज्यादा फायदेमंद होते हैं। नॉर्मल स्किन ऐसे साबुन से ज्यादा रूखी हो जाती है साथ ही दूसरी समस्याएं भी हो सकती हैं।
मॉइश्चराइजर साबुन
ड्राय स्किन के लिए मार्केट में कई तरह के मॉइश्चराइजर सोप मिलते हैं। जिनमें तेल, शिया बटर, पैराफिन वैक्स, ग्लिसरीन आदि कई चीजों का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे स्किन सॉफ्ट रहती है। रूखी त्वचा के लिए ऐसे साबुन बहुत ही फायदेमंद होते हैं।
ग्लिसरीन वाले साबुन
ग्लिसरीन वाले साबुन मेडिकेटेड मॉइश्चराइज सोप होते हैं और यह मिली-जुली यानि कॉम्बिनेशन स्किन टाइप वालों के लिए सबसे बेस्ट होते हैं, वैसे इसे ड्राय और सेंसिटिव वाले भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
अरोमाथैरेपी वाले साबुन
सेंशियल ऑयल और सुगंधित फूलों का अर्क से इस तरह के साबुन तैयार किए जाते हैं। जो बॉडी को महकाते तो हैं ही साथ ही खुश और तनावमुक्त रखने में भी मदद करते हैं। कॉम्बिनेशन स्किन वालों के लिए यह अच्छा साबुन होता है, लेकिन इन्हें पहले आजमा लेना बेहतर होगा।
मुहांसों के लिए
खासतौर से मुहांसों से बचने के लिए बनाए गए इस साबुन के ज्यादा इस्तेमाल से बचना चाहिए, क्योंकि इससे रेशैज और खुजली की प्रॉब्लम हो सकती है। हां सेंसिटिव स्किन वालों के लिए यह बढ़िया होते हैं।
हर्बल साबुन
कई तरह की जड़ी-बूटियों और तेलों से बने हुए हर्बल साबुन, केमिकल से आपकी त्वचा को बचाते हैं। कभी-कभी यह त्वचा को बेहद रूखा भी बना सकते हैं। कॉम्बिनेशन स्किन के लिए यह सही हैं और इनका कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होता है।