शनिदेव इन तीन देवताओं के भक्तों को कभी नहीं देते कष्ट,साढ़ेसाती होने पर नहीं करते हैं ज्यादा परेशान



वैदिक ज्योतिष में शनि का चाल का विशेष महत्व होता है। शनि सभी ग्रहों में सबसे मंद गति से चलने वाले ग्रह हैं। यह किसी एक राशि से दूसरी राशि में जाने के लिए ढाई वर्षों का समय लेते हैं। शनि अभी मकर राशि में हैं और अगले वर्ष 17 जनवरी 2023 को कुंभ राशि मे प्रवेश कर जाएंगे। शनि के कुंभ राशि में प्रवेश करने से मकर, कुंभ और मीन राशि पर शनि की साढ़ेसाती रहेगी। मीन राशि पर शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण शुरू हो जाएगा जबकि धनु राशि से साढ़ेसाती खत्म हो जाएगी। वहीं शनि के कुंभ राशि में प्रवेश करने से कर्क और वृश्चिक राशि पर ढैय्या शुरू हो जाएगी। जबकि मिथुन और तुला राशि वालों को ढैय्या से मुक्ति मिल जाएगी।
शनिदेव भगवान कृष्ण के परम भक्त माने जाते हैं। पौराणिक कथा के अनुसार जब शनिदेव ने भगवान श्रीकृष्ण को प्रसन्न करने के लिए कठोर तप किया था। तब भगवान कृष्ण ने उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर कोयल के रूप में उनको दर्शन दिया था। ऐसी मान्यता है जो लोग भगवान श्रीकृष्ण के परम भक्त होते हैं शनिदेव उनको कभी कष्ट नहीं देते हैं।