06 June, 2026 (Saturday)

यूपी सरकार ने UPSC, NEET, JEE व अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त कोचिंग की घोषणा की, पढ़ें डिटेल

उत्तर प्रदेश के स्थापना दिवस के अवसर पर, राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए मुफ्त कोचिंग की सुविधा प्रदान करने की घोषणा की है। मुफ्त कोचिंग सुविधा का नाम ‘अभ्युदय’ रखा गया है, और इसे राज्य में आगामी बसंत पंचमी से प्रारंभ किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रों को यह सुविधा प्रदान करने के लिए विभिन्न विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के शैक्षिक बुनियादी ढ़ांचे का उपयोग किया जाएगा। कार्यक्रम के लिए एक पैनल बनाया जाएगा।

पहले चरण में, इसे राज्य के 18 मंडल मुख्यालयों में शुरू किया जाएगा, जहां फिजिकल और वर्चुअल कोचिंग सुविधा प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी भी अपना समय समर्पित करेंगे और और विभिन्न विषयों के विशेषज्ञ भी लेक्चर देंगे। कक्षाओं को फिजिकल रूप के साथ-साथ वर्चुअल मोड में भी आयोजित किया जाएगा और UPSC, NEET, JEE, NDA, CDS आदि प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मार्गदर्शन दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोचिंग सेंटर युवाओं को एक नया मंच देगा और उन्हें नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रेरित करेगा।

एक अनुमान के अनुसार, हर वर्ष उत्तर प्रदेश के लगभग 4 से 5 लाख छात्र UPSC, JEE व NEET आदि परीक्षाओं में भाग लेते हैं। इनमें बड़ी संख्या में आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के छात्र होते हैं। इस मुफ्त कोचिंग के माध्यम से प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विषय का चयन, परीक्षा की तैयारी के टिप्स, प्रश्नों के उत्तर लिखने की विधि आदि टिप्स दिए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, सब्जेक्ट एक्सपर्ट की उपलब्धता के आधार पर विभिन्न विषयों की क्लासेज भी चलेंगी। यदि इस कोचिंग का लाभ उठाते हुए सिविल सेवा की प्रारंभिक परीक्षा पास कर ली तो मुख्य परीक्षा की और बेहतर तैयारी के लिए उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन एकेडमी में कोचिंग की व्यवस्था कराई जाएगी।

बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘यूपी गौरव सम्मान’ शुरू करने की भी घोषणा की है, जिसमें हर वर्ष तीन से पांच नागरिकों को राज्य में लाकर सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने देखा है कि इस वर्ष, समाज कल्याण विभाग ने 1.43 लाख से अधिक युवाओं की पहचान की, जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, और उन्हें छात्रवृत्ति दी गई। इस वर्ष से, हम तीन से पांच लोगों की पहचान करेंगे, जिन्होंने देश के साथ-साथ दुनिया में भी राज्य को एक नई पहचान दी है। हम उन्हें यूपी गौरव सम्मान से सम्मानित करेंगे।

 

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