05 May, 2026 (Tuesday)

गर्मियों में इस तरह खाएं पान और जानें इसके आयुर्वेदिक फायदे!

भारतीय संस्कृति में पान की एक महत्वपूर्ण भूमिका है। इसे धार्मिक समारोहों, विवाहों और पूजाओं में शुभ माना जाता है। दिल के आकार के पत्ते का उल्लेख स्कंद पुराण में भी मिलता है, जो छठी शताब्दी का है। ऐसा कहा जाता है कि समुद्र मंथन के दौरान देवों और असुरों द्वारा समुद्र मंथन से निकलने वाली वस्तुओं में से एक पान का पत्ता था।

सके सुगंधित और शक्तिशाली स्वाद को देखते हुए पान पारंपरिक रूप से भोजन के बाद खाया जाता है। जो एक प्राकृतिक माउथ फ्रेशनर की तरह भी कम करता है। पान सिर्फ ऐसे ही मशहूर नहीं हुआ, आयुर्वेद के अनुसार, पान की पत्तियां औषधीय गुणों से भरपूर होती हैं और इसे खाने के कई फायदे हैं। आयुर्वेद में पान के पत्तों के कई उपचारात्मक स्वास्थ्य लाभों का उल्लेख किया गया है।

पान में न सिर्फ कैलोरी ज़ीरो होती है बल्कि इसमें पानी की मात्रा भी अच्छी होती है। इसमें फैट का स्तर भी कम होता है और प्रोटीन की कुछ मात्रा होती है। इसे आयोडीन, पोटेशियम, विटामिन ए, विटामिन बी1, विटामिन बी2 और निकोटिनिक एसिड जैसे पोषक तत्वों से भरपूर माना जाता है।

पान के फायदे

पान का इस्तेमाल खांसी, अस्थमा, सिर दर्द, राइनाइटिस, गठिया जोड़ों का दर्द, एनोरेक्सिया आदि के लिए किया जाता है। यह दर्द, जलन और सूजन से राहत देता है। कफ विकारों में इसका सबसे अच्छा उपयोग होता है। पान की पत्तियां विटामिन-सी, थियामाइन, नियासिन, राइबोफ्लाविन और कैरोटीन से भरपूर होती हैं। यह कैल्शियम का भी उच्च स्त्रोत होता है।

आयुर्वेद के अनुसार पान के औषधीय गुण

रस (स्वाद) – तीक्था (कड़वा), कटु (तीखा)

विपाक (पाचन के बाद का प्रभाव) – कटु (तीखा)

वीर्य (शक्ति) – उष्ना (गर्म)

गुना (गुण) – क्षार (क्षारीय)

लघु (पचाने में हल्का)

गर्मियों में पान खाना अच्छा है। पान की तासीर गर्म होती है, लेकिन अगर आप इसमें गुलकंद, नारियल और सौंफ मिलाकर खाते हैं, तो यह ठंडक पहुंचाता है। अगर आपको पान चबाना पसंद नहीं है लेकिन आप फिर भी इसके स्वाद और लाभों का फायदा उठाना चाहते हैं, तो ऐसे इसे बनाएं।

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