पठन-पाठन और वातावरण-सृजन सामग्री के निर्माण हेतु आयोजित हुई 12 दिवसीय कार्यशाला
देश भर में चलाए जा रहे ‘पढ़ना लिखना अभियान’ के तहत प्रदेश को साक्षर बनाने की तैयारी चल रही है। इस उद्देश्य से साक्षरता निकेतन सरोजनीनगर, इंडिया लिटरेसी बोर्ड स्थित स्टेट रिसोर्स सेंटर में 12 दिवसीय ‘पठन-पाठन एवं वातावरण सृजन सामग्री निर्माण कार्यशाला’ का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में साक्षरता साहित्य के विशेषज्ञों ने अभियान के लिए उपयोगी विषय-सामग्री तैयार की।
कार्यशाला में वातावरण-सृजन सामग्री के अंतर्गत वातावरण-सृजन संदर्शिका, स्लोगन, नारे, पोस्टर, स्टिकर, साक्षरता गीतों के अतिरिक्त स्वयं सहायता समूह मार्गदर्शिका का लेखन किया गया। कार्यशाला को इण्डिया लिटरेसी बोर्ड के चेयरमैन सेवानिवृत्त आई.ए.एस. अधिकारी रवींद्र सिंह और निदेशक श्रीमती मंजू जोशी का सम्यक मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। इस कार्यशाला में राष्ट्रीय स्तर के ख्यातिप्राप्त विषय-विशेषज्ञों ने सहभाग किया। साक्षरता साहित्य विशेषज्ञों में लायक राम ‘मानव’, शिक्षाविद डॉ.आर.सी.सक्सेना, ओम प्रकाश चौरसिया, राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित लेखक यदुनाथ सिंह मुरारी व रामनरेश ‘उज्ज्वल’ ने अपने रचनाकर्म के माध्यम भारत सरकार की गाइड लाइन के अनुसार वांछित साहित्य तैयार किया। कार्यशाला में बतौर अतिथि संदर्भ व्यक्ति लोकसंस्कृति विशेषज्ञ डॉ. विद्याबिन्दु सिंह, सामाजिक कार्य-सरोकारों में संलग्न हौसला फाउंडेशन की अध्यक्ष नेहा सिंह, एस. आर.सी. के पूर्व निदेशक डॉ. मदन सिंह के अलावा शिवनादर फाउंडेशन और एच. सी. एल. के विषय-विशेषज्ञों की सहभागिता उल्लेखनीय रही। कार्यशाला में साक्षरता निकेतन के प्रशासनिक अधिकारी सुधाकर मान सिंह सेंगर और आर्टिस्ट धीरज सोमवंशी ने भी सहभाग किया।
