व्यापारी उद्यमियों को भी विधान परिषद में अपना सदस्य चुनने का अधिकार मिले- प्रदीप जायसवाल



वाराणसी। मैदागिन, गोलघर स्थित पराड़कर भवन स्थित पत्रकार कक्ष में, समाजवादी व्यापार सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पुर्वांचल प्रभारी प्रदीप जायसवाल ने पत्र प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि देश और उत्तर प्रदेश में करोड़ों की संख्या में फुटकर, थोक व्यापारी सहित छोटे बड़े उद्यमी हैं, जो सरकार को सीधे टैक्स (कर) देकर देश एवं प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाते हैं, यही नहीं जब देश और प्रदेश में कोई संकट आता है तो सरकार व प्रशासन व्यापारी और उद्यमियों से सहयोग करने की अपील करती है, ताजा उदाहरण कोरोना काल है इन विपरीत परिस्थिति में उद्यमी और व्यापारी दोनों परेशान थे, उसके बावजूद भी माननीय प्रधानमंत्री और राज्यों के मुख्यमंत्री जी के अपील के कारण व्यापारियों ने तन-मन-धन का सहयोग प्रदान किया, लेकिन बड़े दुख के साथ कहना पड़ता है कि व्यापारी उद्यमी कर देकर सीधे केंद्र और राज्य सरकारों को आर्थिक शक्ति प्रदान करती है, उसके बावजूद भी केंद्र और राज्य सरकार के द्वारा उनको इतनी सुविधाएं नहीं मिलती जितनी कि किसान, मजदूर, कर्मचारी आदि को मिलती है और यहां तक कि उचित सम्मान तक नहीं मिलता है ।
हम देख लें कि स्नातक, शिक्षक और पंचायत प्रतिनिधियों को विधान परिषद में अपना प्रतिनिधि चुनने का अधिकार है, लेकिन वह व्यापारी उद्यमी जो सीधे केंद्र और राज्य सरकार को आर्थिक सपोर्ट देकर देश व प्रदेश की अर्थव्यवस्था में अपना अमूल्य सहयोग प्रदान करता है उनको यह अधिकार नहीं है।
मैं केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार से मांग करता हूं कि संविधान में संशोधन करके केंद्र और राज्य सरकार में पंजीकृत व्यापारियों के माध्यम से भी उनके विधान परिषद में अपना सदस्य सुनने की व्यवस्था होनी चाहिए।
वर्तमान में केन्द्र व उत्तर प्रदेश की सरकार द्वारा यदि ऐसा नहीं होता है तो समाजवादी व्यापार सभा के संगठन साथी महात्मा गांधी के आदर्शों पर चलते हुए सड़क पर उतरकर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा जिसकी पूरी जिम्मेदारी केंद्र और राज्य सरकार की होगी।
इस सन्दर्भ में मैं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव, प्रदेश अध्यक्ष श्री नरेश उत्तम पटेल (एमएलसी) एवं समाजवादी व्यापार सभा के उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष श्री संजय गर्ग (विधायक सहारनपुर सदर) से जल्द ही मुलाकात कर बात करूंगा और प्रयास करूंगा कि जिस प्रकार से समाजवादी पार्टी की सरकार में सर्व विदित है कि व्यापारी हित व सम्मान के मुद्दे पर सबसे ज्यादा कार्य हुए हैं उसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए समाजवादी पार्टी लोकसभा, राज्य सभा, विधान सभा व विधान परिषद में अपने वर्तमान प्रतिनिधियों द्वारा व्यापारी एमएलसी की मांग रखें और साथ ही साथ आगामी विधान सभा चुनाव 2022 होने के पूर्व समाजवादी पार्टी द्वारा घोषित होने वाले चुनावी घोषणा पत्र (मेनिफेस्टो) में व्यापारी हित, सम्मान व सुरक्षा, व्यापारी आयोग का गठन, व्यापारी दुर्घटना बीमा योजना की राशि 5 लाख से 20 लाख करने, सरल जीएसटी कानून के आदि व्यापारी हित वादे के साथ ही व्यापारी एमएलसी पद के सृजन करने के मांग शामिल करें।