कानपुर में यातायात अवरुद्ध करने वाले डेढ़ दर्जन धार्मिक स्थल चिह्नित, जल्द ही शासन को भेजी जाएगी रिपोर्ट
हाईकोर्ट के आदेश के मद्देनजर सड़क या सड़क के किनारे बने धार्मिक स्थलों के चिह्नांकन का काम शुरू हो गया है। वैसे तो शहर में इस तरह के धार्मिक स्थलों की संख्या सैकड़ों में हैं, लेकिन यातायात में सीधे बाधक बने करीब डेढ़ दर्जन स्थल हैं।
हाईकोर्ट ने जनवरी 2011 के बाद रास्तों पर बने धार्मिक स्थलों को हटाने और इससे पहले बने धार्मिक स्थलों को वहां से हटाकर दूसरे स्थान पर स्थानांतरित करने को कहा है। शहर में सड़क किनारे या सड़क के बीचोबीच धार्मिक स्थलों की लिस्ट में करीब डेढ़ दर्जन ऐसे स्थल हैं, जिनकी वजह से यातायात प्रभावित होता है। एक्सप्रेस रोड पर एक पुरानी मजार सड़क के बीच में है। जब ट्रैफिक ज्यादा होता है तो इधर से गुजरना मुश्किल हो जाता है। यही स्थिति मेस्टन रोड पर है। यहां भी एक मजार है, जिसकी वजह से वहां पर सड़क बेहद सकरी हो जाती है। दूसरी ओर जरीब चौकी चौराहे पर बने धार्मिक स्थल की वजह से चौराहा एक ओर से सकरा हो गया है, जिससे जाम लगता है। पुरानी मौरंग मंडी नौबस्ता और अशोक नगर में सड़क के बीचोबीच बने मंदिर यातायात की राह में बाधा बने हुए हैं। हमीरपुर रोड पर सीएनजी पंप के सामने, नौबस्ता में दासू कुआं और बसंत विहार चौकी के बाहर की ओर फुटपाथ पर मंदिर स्थित हैं। मार्बल मार्केट में भी एक मंदिर सड़क किनारे है।
चिह्नित हैं 700 से ज्यादा अवैध धार्मिक स्थल
शहर में 700 से अधिक धार्मिक स्थल अवैध तरीके से सड़क के किनारे या बीच में बनाए गए हैं। नगर निगम, केडीए की मदद से यह सर्वे सात-आठ साल पहले हुआ था। तब से अब तक न जाने और कितने नए धार्मिक स्थल अस्तित्व में आ चुके हैं।
इनका ये है कहना
जिलाधिकारी द्वारा चिह्नांकन का कार्य किया जाएगा, जिसके बाद पुलिस की मौजूदगी में ऐसे धार्मिक स्थलों को हटाया जाएगा। निश्चित रूप से ऐसे निर्माणों की वजह से यातायात प्रभावित होता है। – डॉ. प्रीतिंदर सिंह, डीआइजी

एक-एक धार्मिक स्थल की सूची उपलब्ध कराएं
एडीएम सिटी अतुल कुमार ने कलेक्ट्रेट में बैठक कर कहा कि सड़क किनारे 2011 से पहले और उसके बाद स्थापित हुए धार्मिक स्थलों की सूची तैयार कर दें। यह सूची हर हाल में शनिवार शाम तक उपलब्ध हो जाए ताकि उसे शासन को भेज दिया जाए। संबंधित विभाग एसडीएम के माध्यम से रिपोर्ट उपलब्ध कराएंगे। आवास विकास परिषद, नगर निगम, केडीए, एनएचएआइ, यूपीसीडा, सिंचाई विभाग अपनी सूची अलग-अलग देंगे और फिर विभागवार सूची भेजी जाएगी। पूर्व में कितने धार्मिक स्थल शिफ्ट किए जा चुके हैं इसकी सूचना भी दें। एसडीएम सदर श्रीलक्ष्मी बीएस, एसडीएम घाटमपुर पूजा यादव, एसडीएम बिल्हौर मीनू राणा उपस्थित रहीं।
