नागपुर में बाघ को नजदीक देखकर पिता ने बेटे के साथ बांध में लगाई छलांग, डूबने से दोनों की हो गई मौत
नागपुर में एक पिता ने बेटे के साथ बांध में छलांग लगा दी, जिससे दोनों की मौत हो गई। पिता और बेटे ने बाघ को देखकर डरने की वजह से ये कदम उठाया।
नागपुर: महाराष्ट्र के नागपुर में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां बाघ को नजदीक देखकर एक पिता ने बेटे के साथ बांध में छलांग लगा दी। डूबने की वजह से पिता और बेटे की मौत हो गई। इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया।
क्या है पूरा मामला?
नागपुर में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। नागपुर से 50 किलोमीटर दूर डेवलापार क्षेत्र में पिता और पुत्र बांध के पास अपनी खेती में काम करने और मछली पकड़ने के लिए गए थे। उस दौरान संजय उइके और उनके रिश्तेदार भी वहां पर मौजूद थे। तभी संजय उइके ने देखा कि एक बाघ उनकी तरफ दौड़ता हुआ आ रहा है। यह देखकर उसने चिल्लाना शुरू किया।
पिता और पुत्र को चेतावनी देने की कोशिश की कि बाघ उनके समीप है। कुछ ही देर में बाघ बहुत करीब आ गया, इसलिए डरे हुए पिता ने पुत्र को पकड़ा और बांध में छलांग लगा दी। दुर्भाग्य से उनके पैर बांध के कीचड़ में फंस गए। इससे दोनों की मौत हो गई।
बाघ के डर से अपनी जान बचाने की कोशिश में पिता जीवन धर्मराज कोकोड़े और 7 वर्षीय मासूम बेटे जतिन कोकोड़े के साथ बांध में कूद गया, जहां दोनों की पानी में डूबने से मौत हो गई।
मिली जानकारी के मुताबिक, संजय उइके, जीवन के रिश्ते में साला लगते हैं। यह तीनों खेती के काम से रविवार को लखन बांध के पास गए थे, इस दौरान उन्होंने देखा कि 200 से 250 मीटर की दूरी पर एक बाघ है। एक दूसरे को संकेत देने के लिए वह जोर-जोर से चिल्लाने लगे। अचानक सामने बाघ होने से तीनों में अफरा तफरी मच गई और जान बचाने के लिए वह इधर-उधर भागने लगे।
संजय उइके बांध के नीचे निकल गया, जबकि जतिन बेटे को लेकर पानी में कूद गया। जतिन को तैरना आता था, उसे लगा कि वह बचकर निकल जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
संजय उइके भागते-भागते गांव में गया और गांव के ग्रामीणों को इस घटना की जानकारी दी। तुरंत पुलिस की टीम और वन विभाग को सूचना दी गई। पुलिस एवं वन विभाग की टीम ने पंचनामा कर जांच शुरू कर दी है।
इसी साल मार्च 2026 में नागपुर में वन विभाग को बड़ी कामयाबी हासिल हुई थी। वन विभाग की टीम ने चिंता का कारण बने हुए एक आदमखोर बाघ को पकड़ लिया था।
