ब्रिटेन में हर जगह चीनी एजेंटों की घुसपैठ, कम्युनिस्ट पार्टी का डाटाबेस लीक होने से सामने आई बात



दुनिया भर में चीनी खुफियागीरी के मंडरा रहे खतरे के बीच खबर आई है कि चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के वफादार सदस्यों की ब्रिटेन की बड़ी कंपनियों, विश्वविद्यालयों और वाणिज्य दूतावासों में घुसपैठ करा दी गई है। यह बात कम्युनिस्ट पार्टी का डाटाबेस लीक होने के चलते सामने आई है। इसमें कम्युनिस्ट पार्टी के करीब 20 लाख सदस्यों के बारे में जानकारी सामने आई है। इससे पता चला है कि ब्रिटेन के करीब हर क्षेत्र में चीनी एजेंट घुसपैठ कर चुके हैं। घुसपैठ वाले क्षेत्रों में ब्रिटेन के रक्षा प्रतिष्ठान, बैंक, बड़ी दवा कंपनियां प्रमु्ख हैं। यह रिपोर्ट ब्रिटिश अखबार डेली मेल में प्रकाशित हुई है।
सबसे बड़े खतरे की बात यह है कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के कई ऐसे सदस्य जो पार्टी के प्रति वफादारी और उसके लिए जान देने की शपथ ले चुके हैं, वे कई ब्रिटिश दूतावासों में कार्यरत हैं। इनमें से एक शंघाई स्थित ब्रिटिश वाणिज्य दूतावास में इस समय तैनात है। उसका काम पूर्वी चीन में ब्रिटिश अधिकारियों और मंत्रियों के दौरों में उनके साथ रहना है। लीक हुए डाटाबेस से पता चला है कि दुनिया के विभिन्न देशों के 150 से ज्यादा सांसद चीन के हितों के लिए कार्य करते हैं। कोविड-19 महामारी से बचाव की वैक्सीन विकसित करने वाली अमेरिकी कंपनी फाइजर और ब्रिटिश कंपनी एस्ट्राजेनेका में कार्यरत कुल 123 कर्मी कम्युनिस्ट पार्टी के प्रति वफादार हैं।
लीक हुए आंकड़ों के अनुसार ब्रिटिश बैंक एचएसबीसी और स्टैंडर्ड चार्टर्ड में 2016 में 600 से ज्यादा कम्युनिस्ट पार्टी सदस्य कार्यरत थे। यह सूचना सार्वजनिक हुई है लेकिन यह पता नहीं चला है कि इन कम्युनिस्ट पार्टी एजेंटों ने किसी तरह की सूचनाओं की जासूसी की या नहीं। उल्लेखनीय है कि हाल ही में अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोंपियो ने अमेरिकी विश्वविद्यालयों से अपने यहां कार्यरत चीनी शोधकर्ताओं और छात्रों पर नजर रखने को कहा था। शक जताया था कि वे चीन के लिए जासूसी कर सकते हैं।