जिलाधिकारी ने नोडल अधिकारी के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया निरीक्षण
कुशीनगर।जनपद के नोडल अधिकारी पी0 गुरु प्रसाद के साथ जिलाधकारी एस0 राजलिंगम ने जनपद के तहसील खडडा अन्तर्गत बाढ़ प्रभावित /संवेदनशील क्षेत्र के ग्राम हरिहरपुर, शिवपुर, महादेवा, आदि ग्रामों में स्थलीय निरीक्षण कर ग्रामवासियों को राहत पैकेट का वितरण कर
उनसे संवाद कर बाढ़ पीड़ितों के समस्याओं की जानकारी ली गई।
अधिकारीगण नाव और ट्रैक्टर की सहायता से नारायणी नदी पार के गांव नारायणपुर, शिवपुर, हरिहरपुर ,बसंतपुर मरिचहवा गांव का निरीक्षण कर बाढ़ पीड़ितों से मिले एवं उनके समक्ष आ रही परेशानियों से अवगत हुए ।
इस दौरान अधिकारियों ने अपने समक्ष बाढ़ राहत सामग्री का क्षेत्रीय विधायक के साथ वितरण कराया एवं एसडीआरएफ टीम से मिले।
नोडल अधिकारी, जिला अधिकारी के साथ जनपद स्तरीय अधिकारियों की टीम लेकर नारायणी नदी पार के गांव नारायणपुर,शिवपुर, हरिहरपुर,बसंतपुर, मरिचहवा पहुंच गए और खाद्यान्न का वितरण कराएं। इस दौरान ग्रामीणों ने बिजली, राशन, टीकाकरण, पशु चिकित्सा, एक गांव से दूसरे गांव की कनेक्टिविटी, शिक्षकों की अनुपस्थिति, वृद्धा पेंशन, विधवा पेंशन, बच्चों की ड्रेस का पैसा, बच्चों के पोषाहार आदि समस्याएं गांव वालों ने बताई जिस पर नोडल अधिकारी ने मदद करने का आश्वासन दिया। साथ ही बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए मार्ग को देखकर चिंता जताई एवं क्षतिग्रस्त मार्ग को बनवाने का निर्देश दिया।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के निरीक्षण हेतु ट्रैक्टर से पहुंचे अधिकारी गण ने सबसे पहले बाढ़ प्रभावितों से भेंट की उनकी समस्याये जानी तथा राहत किट का वितरण किया। प्रभावितों के साथ संवाद के दौरान उन्होंने बाढ़ की स्थिति तथा जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे राहत कार्यों के बारे में फीडबैक प्राप्त किया। इसके बाद तत्काल मौके पर उपस्थित सम्बन्धित को प्रभावी कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से प्रभावितों को हर सम्भव मदद मुहैया कराई जा रही है। इसके अलावा, बचाव व राहत कार्य के लिए आवश्यकतानुसार एन0डी0आर0एफ0,टीम उपलब्ध है, राहत एवं बचाव कार्य के लिए पर्याप्त मात्रा में नौकाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करायी गयी है। साथ ही, प्रत्येक पीड़ित परिवार के लिए पर्याप्त मात्रा में राहत सामग्री का वितरण एवं भोजन आदि की सुविधा भी कराई गई है।
जिलाधिकारी ने कहा कि बरसात के समय में जलभराव वाले क्षेत्रों में सर्पदंश, सियार, कुत्ता तथा अन्य जंगली जानवरों के काटने की प्रबल सम्भावनाओं के दृष्टिगत एण्टी स्नेक वेनम व एण्टी रैबीज इंजेक्शन की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता सुनिश्चित कराने का निर्देश दिए गए है।
नोडल अधिकारी पी0 गुरु प्रसाद ने निर्देशित किया कि जल-जमाव के कारण प्रभावित हुई फसल का सर्वे कराया जाए। उन्होंने कहा कि जैसे ही बाढ़ का पानी कम होगा, तुरन्त ही संक्रामक रोगों के फैलने का खतरा उत्पन्न होगा। इससे बचाव के लिए पूरे प्रदेश में आगामी 05 सितम्बर से 12 सितम्बर तक एक विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें स्वच्छता, सैनिटाइजेशन, फॉगिंग का कार्य कराया जाएगा। इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग, पंचायती राज विभाग, बेसिक शिक्षा, महिला कल्याण तथा सभी नगर निकायों को जिम्मेदारी सौंपी गई हैं।
उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत डेंगू, मलेरिया, इंसेफेलाइटिस या डायरिया आदि किसी भी बीमारी से निपटने के लिए समय पूर्व उपाय एवं जागरूकता का व्यापक अभियान चलाया जाएगा।
इस अवसर पर मा0 विधायक खडडा जटा शंकर त्रिपाठी, अपर जिलाधकारी विंध्यवासिनी राय, उप जिलाधिकारी खडडा अरविंद कुमार, जिला सूचना अधिकारी कृष्ण कुमार सहित अन्य अधिकारी गण उपस्थित रहे।
