05 April, 2025 (Saturday)

परिसीमन आयोग ने की जम्मू कश्मीर के लोगों की भावनाओं की अनदेखी : गुलाम अहमद मीर

जम्मू कश्मीर कांग्रेस के अध्यक्ष गुलाम अहमद मीर ने कहा है कि परिसीमन आयोग ने स्थानीय लोगों की भावना के प्रतिकूल काम किया है और उनके सुझावों की पूरी तरह से अनदेखी की है।

श्री मीर ने गुरुवार को यूनीवार्ता से कहा कि अनंतनाग को जम्मू की लोकसभा सीट में मिलाने को बेमेल तथा गंभीर चूक बताया और कहा कि इसी तरह की चूक विधानसभा सीटों के परिसीमन में भी हुई है। उन्होंने आयोग के कदम को जनता की भावनाओं के प्रतिकूल बताया और कहा कि इससे राज्य का विकास प्रभावित होगा और स्थानीय लोगों को परिसीमन से सुविधा मिलने की बजाय असुविधा होगी।

उन्होंने कहा कि आयोग ने परिसीमन को लेकर जम्मू कश्मीर के 400 प्रतिनिधि मंडलों से मुलाकात की और इस बारे में उनसे सुझाव मांगें लेकिन लोगों ने जो भी सुझाव इस बारे में दिए उनको पूरी तरह से नजरअंदाज किया है। उनका कहना था कि जब आयोग ने लोगों से बात की तो कम से कम उनके एक सुझाव को तो मान लिया जाता लेकिन किसी भी सुझाव पर विचार नहीं किया गया है।

उन्होंने कहा कि आयोग ने नक्शे देखे बिना ही परिसीमन का काम किया है। अगर वह सेटेलाइट से भी जम्मू कश्मीर का नक्शा देखता और उसके आधार पर परिसीमन करता तो इसका लोगों को लाभ मिलता लेकिन ऐसा लगता है कि आयोग ने इस बारे में कुछ सोचा ही नहीं है। जम्मू की लोकसभा सीट से वहां से बहुत दूर स्थित अनंतनाग को मिला दिया है जिससे साफ होता है कि यह बेतुका परिसीमन हुआ है। विधानसभा क्षेत्रों की लगभाग सभी सीटों पर इस तरह की बड़ी गड़बड़ियां हुई हैं। एक तरह से दस किलोमीटर के दायरे में जिस निर्वाचन क्षेत्र को होना चाहिए उसे कई सौ किलोमीटर के दायरे में रख दिया गया है।

श्री मीर ने कहा कि इस नये परिसीमन से जम्मू कश्मीर का विकास अवरुद्ध होगा और इससे विकास की गतिविधियों को आगे बढाने में उलझन पैदा होगी। यह परिसीमन जम्मू कश्मीर में विकास की प्रक्रिया को प्रभावित करेगा। उनका कहना था कि भारतीय जनता पार्टी जम्मू कश्मीर के विकास का नारा देकर राज्य की जनता और देश को धोखा दे रही है। उसके इस तरह के प्रयास से जम्मू कश्मीर में विकास की धारा नहीं बहेगी बल्कि राज्य का विकास पूरी तरह से अवरुद्ध होगा और उसका नारा छलावा साबित होगा।

उन्होंने कहा कि नये परिसीमन से जम्मू कश्मीर को सुविधा नहीं बल्कि असुविधा में डाल दिया है। भाजपा जम्मू कश्मीर की पहचान खत्म करने की कोशिश कर रही है। नये परिसीमन में सीमा का ध्यान नहीं रखा गया है इसलिए इससे लोगों को परस्पर नजदीक आने में वर्षाें लगेंगे। परिसीमन से लोगों को बहुत उम्मीद थी लेकिन हुआ उसके ठीक विपरीत है और इसका खामियाजा जम्मू कश्मीर के लोगों काे भुगतना पड़ेगा।

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