05 June, 2026 (Friday)

पत्नी संग अब्बास अंसारी की सीक्रेट मीटिंग पर बड़ा एक्शन, जेल सुपरिटेंडेंट समेत 3 जेल अधिकारी अरेस्ट

उत्तर प्रदेश: चित्रकूट डिस्ट्रिक्ट जेल में विधायक अब्बास अंसारी से उसकी पत्नी निकहत बानो की बेरोक टोक मुलाकात मामले में योगी सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है। चित्रकूट जेल के निलंबित जेल सुपरिटेंडेंट जेलर और वार्डर को एसआईटी ने अरेस्ट कर लिया है। इन सभी ने माफिया मुख्तार अंसारी के विधायक बेटे अब्बास और उसकी बीवी निकहत बानो की जेल में हाई प्रोफाइल अरेंजमेंट की थी और इसके लिए इन्हें माफिया मुख्तार के बेटे की तरफ से महंगे गिफ्ट और भारी मात्रा में कैश दिए जाते थे।

अब्बास की बीवी समेत अब तक आठ लोग अरेस्ट 

मामले की जांच कर रही एसआईटी ने गिरफ्तार जेल अधिकारियों के पास से अब्बास की फंडिंग से खरीदी गई लग्जरी कार, कैश और जेवरात बरामद किए हैं। इन तीन जेल अधिकारियों की गिरफ्तारी के साथ ही चित्रकूट जेल के 4 अधिकारी, अब्बास की बीवी निकहत समेत अब तक कुल आठ लोग अरेस्ट हो चुके हैं। इनके साथ-साथ चित्रकूट के जेलर संतोष कुमार और जेल के वार्डर जगमोहन सिंह भी गिरफ्तार हो चुके हैं। इन अफसरों पर आरोप है कि इन्होंने माफिया मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास और उसकी बहू निकहत की कई बार सीक्रेट मीटिंग करवाई।

‘सीक्रेट मीटिंग के लिए अब्बास ने दिए पैसे’

चित्रकूट की एसपी वृंदा शुक्ला ने कहा, “जिन दिनों अब्बास अंसारी चित्रकूट जेल में बंद था, तब जेल में उसकी पूरी मनमर्जी चलती थी। उसकी बीवी घंटों आकर बेरोक-टोक जेल के बैरक में अब्बास से मिलती थी और ये सब उन जेल अधिकारियों की मिलीभगत से होता था, जिन्हें लंबी पूछताछ के बाद एसआईटी ने रविवार को अरेस्ट कर लिया। इस मामले में पहले ही जेल सुपरिटेंडेंट समेत 7 को सस्पेंड हो चुके हैं। वहीं, अब इनके पास से एसआईटी अब्बास की ओर से दिए गए कैश, महंगे गिफ्ट बरामद हुए हैं। पूछताछ के दौरान जेल अधीक्षक अशोक कुमार सागर के कब्जे से 4 लाख कैश बरामद हुए, तो वहीं जेलर संतोष कुमार के पास से 1 लाख 80 हजार रुपये कैश और एक लग्जरी गाड़ी और 2 मोबाइल फोन बरामद हुए हैं।”

‘CCTV टेंपरिंग की जांच जारी’

चित्रकूट की एसपी वृंदा शुक्ला ने बताया, “जांच के दौरान जेल अधिकारियों की माफिया अंसारी से यारी की कहानी सामने आ रही है। पुलिस को शक है कि जब भी अब्बास अंसारी की वाइफ और अब्बास की सीक्रेट मीटिंग का प्लान बनाता था, तो जेल अधिकारी जेल की लाइट ऑफ कर देते थे, जिससे वहां लगे सीसीटीवी काम करना बंद कर देते थे। पुलिस ने इस मामले में अब बिजली विभाग से रिकॉर्ड मांगे हैं, जिससे कि ये साबित किया जा सके कि सीसीटीवी टेंपरिंग हुई है या फिर वाकई जेल में लाइट नहीं थी।

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