05 April, 2025 (Saturday)

छत्तीसगढ़ में शासकीय सेवकों के लिए पुरानी पेंशन लागू करने को मंजूरी

छत्तीसगढ़ सरकार ने मजदूर दिवस पर आज राज्य के सरकारी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की बहुप्रतीक्षित मांग को पूरा करते हुए पुरानी पेंशन को लागू करने की मंजूरी प्रदान कर दी।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आज यहां राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में एक नवम्बर 04 से नियुक्त शासकीय सेवकों के लिए नवीन अंशदायी पेंशन योजना के स्थान पर पुरानी पेंशन योजना लागू करने के निर्णय का अनुमोदन किया गया। नवीन अंशदायी पेंशन योजना हेतु वेतन से की जा रही 10 प्रतिशत की मासिक अंशदान की कटौती एक अप्रैल 22 से सामाप्त कर सामान्य भविष्य निधि नियम के अनुसार मूल वेतन का न्यूनतम 12 प्रतिशत कटौती के प्रस्ताव को सहमति दी गई।

ज्ञातव्य हैं कि मुख्यमंत्री श्री बघेल ने पुरानी पेंशन लागू करने की विधानसभा के बजट सत्र में घोषणा की थी।राजस्थान के बाद छत्तीसगढ़ दूसरा राज्य हैं जिसने पुरानी पेंशन बहाल की है।दोनो ही कांग्रेस शासित राज्य हैं और दोनो में ही अगले वर्ष के अऩ्त में विधानसभा चुनाव होने हैं।

बैठक में प्रदेश के युवाओं के हित में एक बड़ा फैसला लेते हुए छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग, छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल एवं विशेष कनिष्ठ कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा आयोजित परीक्षाओं के शुल्क माफ करने के निर्णय का भी अनुमोदन किया गया।इसके साथ ही अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के व्यक्तियों को मात्रात्मक त्रुटि के कारण जाति प्रमाण पत्र प्राप्त करने में हो रही कठिनाईयों को दूर करने के उद्देश्य से अंग्रेजी में अधिसूचित जाति को मान्य करने तथा जाति प्रमाण पत्रों में अंग्रेजी में ही अधिसूचित जाति का उल्लेख करने का निर्णय लिया गया।

मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा मंजूरी प्राप्त रियल एस्टेट प्रोजेक्टों जिसमें 75 लाख रूपए बाजार मूल्य तक आवासीय मकानों एवं फ्लैट्स में रजिस्ट्री शुल्क में दो प्रतिशत की छूट की प्रभावशीलता अवधि को 31 मार्च 23 तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया।इसके साथ ही राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना में हितग्राही परिवार के मुखिया को वार्षिक आधार पर प्रदाय सहायता राशि छह हजार रूपए से बढ़ाकर सात हजार रूपए तथा अनुसूचित क्षेत्र में आदिवासियों के देव स्थलों पर पूजा करने वाले बैगा, गुनिया, पुजारी, देव स्थल के हाट पाहार्या एवं बाजा मोहरिया को जिनका आदिवासियों के सांस्कृतिक जीवन और सामाजिक संस्कारों में विशेष महत्वपूर्ण भूमिका है, उन्हें भी इस योजना के तहत लाभ प्रदान करने का निर्णय लिया गया।

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