ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन ने डीएम को सौंपा ज्ञापन बलिया जेल में बंद पत्रकारों की रिहाई की मांग



सिद्धार्थनगर। बलिया जिले में बीते दिनों यूपी बोर्ड परीक्षा के दौरान नकल माफियाओं की मिलीभगत से पेपर लीक प्रकरण की खबर प्रकाशित होने के बाद पत्रकारों पर मुकदमा दर्ज कर उनको जेल भेजे जाने के मामले को लेकर ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन का प्रांतीय नेतृत्व सख्त रवैया अख्तियार किया है। एसोसिएशन ने प्रदेश के सभी जिलों में जिला अध्यक्षों के माध्यम से राज्यपाल को संबोधित डीएम को ज्ञापन सौंपकर जेल में बंद पत्रकारों की रिहाई को लेकर आंदोलन चला रखा है। जिसके क्रम में मंगलवार को जिलाध्यक्ष आलोक श्रीवास्तव के नेतृत्व में संगठन के तमाम पदाधिकारियों के अलावा बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अंजनी दुबे समेत अन्य अधिवक्ताओं ने जेल में बंद पत्रकार की रिहाई की मांग उठाई है। जिलाधिकारी दीपक मीणा को सौंपे ज्ञापन के माध्यम से पदाधिकारियों ने बताया है कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में में पत्रकारों के उत्पीड़न की घटनाए लगातार बढ़ रही है ,अभी हाल में ही बलिया जनपद एवं उसके आसपास के अन्य जनपदों में सुनियोजित एवं बड़े पैमाने पर नकल कराई जाती है। स्थानीय अमर उजाला व सहारा हिंदी दैनिक के लिए काम करने वाले पत्रकार अजित ओझा, दिग्विजय सिंह व मनोज गुप्ता को अंग्रेजी के प्रश्न पत्र लीक प्रकरण को उजागर करने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। बलिया जिला प्रशासन नकल माफियाओ पर सीधी कार्यवाई करने के बजाय कलम के सिपाहियों का मुहँ बंद करने और हांथ बाधने की कोशिश के साथ पत्रकारिता का गला घोटने का काम किया जा रहा है ।इस कृत्य से पूरे प्रदेश के पत्रकारों में आक्रोश व्याप्त हो गया है। ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन नकल माफियाओ के कुकृत्य की व्यापक जांच एवं पेपर लीक का खुलासा करने वाले अधिकारियों पर कार्यवाई के साथ उक्त पत्रकारों के खिलाफ दर्ज मुकदमा वापस किये जाने, बलिया जनपद के जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक व अन्य अधिकारियों की भूमिका की न्यायिक जांच कराये जाने व जांच परिणाम आने तक उन्हें निलंबित किये जाने, प्रदेश में पत्रकार उत्पीड़नकी घटनाओं पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाये जाने, विभिन्न समाचार पत्रों/चैनलों /मीडिया संस्थानों में कार्यरत पत्रकारों को शासन स्तर से सूचीबद्ध किये जाने, उत्तर प्रदेश की प्रेस मान्यता नियमावली में संशोधन कर उसमें पत्रकारों की सुरक्षा के लिए उपबंध शामिल किये जाने, उत्तर प्रदेश में पत्रकार आयोग का गठन करके उसमें मान्यताप्राप्त सभी संगठनों को प्रतिनिधित्व दिये जाने, उत्तर प्रदेश में किसी भी पत्रकार को किसी प्रकारण में कथित रूप से संलिप्त पाए जाने की दशा में तब तक गिरफ्तारी न की जाए जब तक पुलिस विभाग के एक राजपत्रित अधिकारी स्तर से उसकी जांच पूरी न कर ली जाए की मांग करता है। इस दौरान ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के डुमरियागंज तहसील अध्यक्ष राजेश पाण्डेय, बांसी अध्यक्ष षष्टभुजा शुक्ला, पत्रकार सत्य प्रकाश श्रीवास्तव,
परवेज अहमद, फिरोज खान, कृपा शंकर भट्ट, प्रशांत मिश्रा, रवि पाठक, अजितेश सिंह आदि मौजूद रहे।