5 वी सदी के गुप्तकालीन मंदिरों अवस्था पर आयुक्त ने एएसआई को दिये निर्देश
कानपुर । शनिवार को कमिश्नर राजशेखर द्वारा भीतर गांव स्थित ईट मंदिर और बेहटा बुजुर्ग जगन्नाथ मंदिर का निरीक्षण किया जहां उन्होंने निरीक्षण के दौरान इस पुराने मंदिर के इतिहास के बारे में जाना और यहां पर्यटन स्थल की क्षमता को बढ़ावा देने के लिए रणनीति बनाते हुए योजना तैयार की। कमिश्नर को मन्दिर के लोगो व एएसआई के अधिकारियों ने बताया कि भीतरगांव मंदिर की बात की जाए तो यह मंदिर भारत का सबसे पुराना ईट मंदिर माना जाता है इसे गुप्त काल में बनाया गया था इस मंदिर में अद्वितीय वास्तुकला और निर्माण डिजाइन में दर्शाया गया है इस मंदिर में बात की जाए तो प्रत्येक दिन स्थान को देखने के लिए लगभग 40 के आसपास पर्यटक आते हैं यानी पूरे साल भर की बात की जाए तो 10 से 12000 पर्यटक स्थल को देखने के लिए पहुंचते हैं यह भारतीय पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित और प्रबंधित भी है तो वही जगन्नाथ मंदिर बरसाती पत्थर मंदिर के साथ पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है बेहटा बुजुर्ग मंदिर 4200 साल पुराना बताया जाता है यह अद्भुत स्थान है जहां पर अद्वितीय दक्षिण भारत मंदिर वास्तुकला का दृश्य दिखाई देता है मंदिर में एक बरसाती पत्थर भी है। जो 1 सप्ताह पहले मानसून की शुरुआत की भविष्यवाणी करता है यह मंदिर उत्तर भारत का इस तरह का एकमात्र अनोखा मंदिर है इस मंदिर में मानसिक रूप से हजारों लोग प्रदर्शन के लिए आते हैं कमिश्नर ने एएसआई के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि पिछले 5 वर्षों में जो पर्यटकों की संख्या पर एक रिपोर्ट 30 नवंबर तक देने के लिए निर्देश दिए। प्रशासन आने वाले दिनों में अधिकतम पहुंच के लिए कानपुर के वार्षिक पर्यटन कैलेंडर और इसे टूरिज़म एप में इन स्थानों को शामिल करेगा स्थानों पर पर्यटकों के लिए साइट पर आवश्यक सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए अगले 1 महीने में प्रस्ताव लाने को कहा गया है।
