चुनाव से ठीक पहले ट्रंप प्रशासन का बड़ा कदम, एच-1बी वीजा चयन में लॉटरी सिस्टम होगा खत्म



राष्ट्रपति चुनाव से ठीक पहले अमेरिकी पेशेवरों को लुभाने के लिए ट्रंप प्रशासन ने एच-1बी वीजा को लेकर अहम कदम उठाया है। उसने वीजा चयन प्रक्रिया में इस्तेमाल होने वाले कंप्यूटराइज्ड लॉटरी सिस्टम को खत्म करने का निर्णय लिया है। इसकी जगह पर वेतन आधारित चयन प्रक्रिया का प्रस्ताव रखा है। यह वीजा विदेशी पेशवरों के लिए जारी किया जाता है, जो भारतीयों में खासा लोकप्रिय है।
अमेरिका के गृह सुरक्षा विभाग (डीएचएस) ने प्रस्तावित नई प्रक्रिया के संबंध में बुधवार को अधिसूचना जारी की। यह अधिसूचना राष्ट्रपति चुनाव से महज पांच दिन पहले जारी की गई है। विभाग ने कहा कि लॉटरी सिस्टम की जगह नई प्रक्रिया अपनाए जाने से अमेरिकी पेशेवरों के वेतन में आ रही गिरावट को रोकने में मदद मिलेगी। वेतन आधारित चयन प्रक्रिया से एच-1बी वीजा धारकों और अमेरिकी पेशेवरों के हितों में बेहतर संतुलन स्थापित करने में मदद मिलेगी। डीएचएस के कार्यकारी डिप्टी सेक्रेटरी केन कचिनेल्ली ने कहा, ‘इस प्रस्तावित नियम के साथ ट्रंप प्रशासन अमेरिकी कामगारों के हितों की रक्षा करने के अपने वादों को लगातार पूरा कर रहा है। एच-1बी वीजा कार्यक्रम का आमतौर पर अमेरिकी नियोक्ताओं द्वारा दुरुपयोग किया जा रहा है। इस वीजा के जरिये मुख्य रूप से विदेशी पेशेवरों को नौकरी दी जा रही है।’
बता दें कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गत 22 जून को एक कार्यकारी आदेश जारी कर एच-1बी और एल-1 समेत कई वीजा पर इस साल के आखिर तक रोक लगा दी थी। ट्रंप सत्ता में आने के बाद से लगातार एच-1बी वीजा पर अंकुश लगा रहे हैं।
भारतीयों में लोकप्रिय है एच-1बी
एच-1बी वीजा भारतीय आइटी पेशेवरों में खासा लोकप्रिय है। इस वीजा के जरिये अमेरिकी कंपनियां उच्च कुशल विदेशी कामगारों को रोजगार देती हैं। हर साल विभिन्न श्रेणियों में 85 हजार वीजा जारी किए जाते हैं।