जिला अस्पताल में विश्व गुर्दा दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन
(सिद्धार्थनगर )। बृहस्पतिवार को संयुक्त जिला अस्पताल में विश्व गुर्दा दिवस मनाया गया। इस दौरान लोगों को गुर्दे अर्थात किडनी के बारे में जागरूक किया गया। भागदौड़ भरी जिंदगी और खानपान के असंतुलन से जाने-अंजाने इस अंग को बीमारियों ने घेर लिया है। यदि इसान संतुलित दिनचर्या अपनाए तो गुर्दे (किडनी) की बीमारियों से बचा जा सकता है।
बृहस्पतिवार को संयुक्त जिला चिकित्सालय के डायलिसिस वार्ड में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरके कटियार ने कहा कि रक्तचाप यानी ब्लड प्रेशर और शूगर की बीमारी बढ़ रही है तो उससे गुर्दो के लिए भी परेशानी बढ़ गई है। गुर्दे हमारे शरीर में फिल्टर का काम करते है। इससे शरीर में पानी व नमक की मात्रा नियंत्रित रहती है। गुर्दे फिल्टर के अलावा खून की कमी को भी दूर करते है और हड्डियों को मजबूत रखते है। यदि गुर्दो में दिक्कत होती है तो फिर शरीर के दूसरे अंग भी ठीक तरह से काम नहीं करते। चेस्ट फिजीशियन डॉ.सीबी चौधरी ने कहा कि पथरी के अलावा गदूद बनना, पेशाब में संक्रमण व रूकावट, कैंसर जैसे रोग गुर्दे में पनपते है। गुर्दे की बीमारी का शीघ्र पता चलने पर इसमें पूर्ण इलाज संभव है और बीमारी को बढ़ने से रोका जा सकता है। इसलिए जरूरी है कि ब्लड प्रेशर व शूगर की नियमित जांच कराई जाए। डॉ. अलीमुल्ला, डॉ. राधेरमण मौर्या, फार्मासिस्ट गोविंद प्रसाद ओझा, सुनील चौबे, स्टाफ नर्स श्रीश श्रीवास्तव, डायलिसिस वार्ड के कृष्णानंद पांडेय, अब्दुल वहाब, मो. इमरान, तनवीर आलम, अखिलेश भारती, संदीप चौधरी, करन यादव, मेरान निजामी के अलावा संतोष श्रीवास्तव, राघवेंद्र द्विवेदी उपस्थित थे।
