06 June, 2026 (Saturday)

विश्व कप के बाद महिला क्रिकेटरों की ब्रांड वैल्यू में आया जबरदस्त उछाल

करार के लिए विज्ञापनादाता कंपनियों की लगी कतार
नई दिल्ली (ईएमएस)। महिला विश्वकप क्रिकेट ट्रॉफी जीतने के बाद ही भारतीय टीम की खिलाड़ियों की ब्रांड वैल्यू बढ़ने से उनपर पैसे की बरसात हो रही है। टीम की खिलाड़ियों की ब्रांड वैल्यू एकदम से बढ़ी है और उनके साथ करार के लिए कई कंपनियां आतुर हैं। स्टार खिलाड़ी स्मृति मंधाना, जेमिमा रोड्रिग्स और कप्तान हरमनप्रीत कौर जैसी खिलाड़ियों की ब्रांड वैल्यू दोगुनी से भी अधिक हो गयी है।
इन खिलाड़ियों को अपने विज्ञापन में शामिल करने के लिए ऑटोमोबाइल कंपनियों से लेकर बैंक और एफएमसीजी तक शामिल हैं। इसके अलावा खेल सामग्री बनाने वाली कंपनियां, जीवनशैली, सौंदर्य प्रसाधन से जुड़ी कंपनियां भी इन्हें अपना ब्रांड एंबेस्डर बनाना चाहती हैं। मंधाना, ऋचा घोष और राधा यादव का प्रबंधन करने वाली कंपनियां भी इससे उत्साहित हैं और उनका मानना है कि ऐसा पहली बार हुआ है। इससे तय है कि महिला क्रिकेटरों का भविष्य उज्जवल है।
प्रबंधन से जुड़ी कंपनियों की एक प्रमुख ने कहा, ‘हम उनके ब्रांड मूल्य में तेज उछाल देख रहे हैं। शीर्ष स्तर की किसी खिलाड़ी के विज्ञापन मूल्य में दो से तीन गुना तक बढ़ोतरी हो गई है। जेमिमा की कीमत 60 लाख रुपये से बढ़कर लगभग 1.5 करोड़ रुपए से अधिक हो गई है। शैफाली की कीमत 40 लाख रुपये से बढ़कर लगभग एक करोड़ रुपये से अधिक हो गई है। हमें शीर्ष खिलाड़ियों के लिए 25-55 फीसद की बढ़त की उम्मीद है।
उन्होंने कहा, ‘हमें यह भी उम्मीद है कि यह जीत वाणिज्यिक बाजार में महिला क्रिकेट को मजबूत करेगी, जहां ब्रांड अल्पकालिक अभियान के बजाय दीर्घकालिक साझेदारी पर ध्यान देते हैं। महिला क्रिकेट की बढ़ती लोकप्रियता और प्रशंसकों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी ने भी खिलाड़ियों के ब्रांड मूल्य में वृद्धि में योगदान दिया है। उन्होंने बताया, ‘जेमिमा के फॉलोअर्स की संख्या दोगुनी 33 लाख हो गई है और शैफाली के फॉलोअर्स की संख्या में लगभग 50 फीसदी की वृद्धि हुई है। बड़ा बदलाव यह है कि ब्रांड अब उन्हें केवल क्रिकेट सत्र तक सीमित चेहरे के रूप में नहीं देखते हैं और इससे खिलाड़ियों के ब्रांड मूल्य में वृद्धि हो रही है।
महिलाएं उन ब्रांडों का प्रचार करके एक और सफलता हासिल करने के लिए तैयार हैं, जिनका अब तक प्रचार पुरुष खिलाड़ी करते रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘हम भारत में महिला खिलाड़ियों के लिए खेल सामग्री, जीवनशैली, सौंदर्य और व्यक्तिगत देखभाल तथा शिक्षा जैसे विभिन्न उद्योगों में रुचि देख रहे हैं। उत्साहजनक बात यह है कि शीर्ष महिला क्रिकेटर अब उन क्षेत्रों में भी प्रवेश कर रही हैं जिन्हें पहले पुरुष-प्रधान माना जाता था। स्मृति हुंडई, गल्फ ऑयल, एसबीआई बैंक, पीएनबी मेटलाइफ जैसे ब्रांडों से जुड़ी हैं, जो पारंपरिक रूप से पुरुष प्रधान क्षेत्र रहे हैं।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed