18 June, 2026 (Thursday)

यूपी बोर्ड ने 465 स्कूलों की मान्यता रद्द की, 2 साल से बोर्ड परीक्षा में नहीं शामिल हुआ था कोई छात्र

उत्तर प्रदेश के 465 स्कूलों पर कार्रवाई हुई है। इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम-1921 के तहत इनकी मान्यता रद्द कर दी गई है। ये स्कूल निष्क्रिय थे और सिर्फ कागजों पर चल रहे थे।
यूपी बोर्ड ने कागजी स्कूलों के खिलाफ बड़ा एक्शन लेते हुए 465 इंटर कॉलेजों की मान्यता समाप्त कर दी है। पिछले दो वर्षों से बोर्ड परीक्षा में एक भी छात्र शामिल नहीं होने पर कार्रवाई की गई है। प्रदेश के 465 मान्यता प्राप्त विद्यालयों की मान्यता खत्म कर दी गई है। इनमें प्रयागराज के 25 विद्यालय भी शामिल हैं। इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम-1921 के तहत कार्रवाई करते हुए बोर्ड सचिव भगवती सिंह ने निष्क्रिय और केवल कागजों पर चल रहे विद्यालयों पर सख्त प्रहार किया है। बोर्ड सचिव के आदेश से स्कूल प्रबंधन में हड़कंप मचा हुआ है।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद प्रयागराज के सचिव की तरफ से जारी किए गए आदेश में कहा गया है, “इण्टरमीडिएट शिक्षा अधिनियम-1921 के अधीन निर्मित परिषद विनियमों के अध्याय-सात (परिषद द्वारा संस्थाओं को मान्यता) के विनियम-11 (6) में विहित प्रावधान “हाईस्कूल नवीन (वनटाइम) अथवा इण्टरमीडिएट नवीन वर्ग की मान्यता प्राप्त विद्यालय से लगातार दो वर्ष तक कोई छात्र परीक्षा में सम्मिलित नहीं होते अथवा कक्षाएं संचालित नहीं करते है तो विद्यालय प्रदत्त मान्यता स्वतः समझी जायेगी।”
दो सालों में कोई छात्र बोर्ड परीक्षा में नहीं बैठा
यूपी बोर्ड के आदेश में आगे कहा गया है, “प्रतिबन्ध यह है कि इण्टर वनटाइम अथवा अतिरिक्त वर्ग अथवा मान्य वर्ग के वैकल्पिक विषयों की मान्यता पर उक्त प्राविधान लागू नहीं होगा” के अनुसार लगातार शैक्षिक सत्र-2024-25 एवं शैक्षिक सत्र 2025-26 में विद्यालय से कोई छात्र परीक्षा में सम्मिलित नहीं होने अथवा कक्षाएं संचालित नहीं किये जाने के कारण परिषद से स्व-वित्त पोषित मान्यता प्राप्त निम्नलिखित विद्यालयों की मान्यता स्वतः समाप्त हो गयी है।”

गाजीपुर के 47 स्कूल बंद
गाजीपुर जिले में सबसे ज्यादा स्कूलों पर कार्रवाई हुई है। यहां कुल 47 स्कूल बंद किए गए हैं। इन स्कूलों में नए एडमिशन पर भी रोक लग गई है। सरकार की इस कार्रवाई को फर्जी/कागजी स्कूलों के खिलाफ बड़ी सफाई मानी जा रही है। अगर आपके बच्चे का स्कूल इस लिस्ट में है, तो तुरंत यूपी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट या जिले के डीईओ ऑफिस से पुष्टि करें। नया एडमिशन लेते समय स्कूल की मान्यता जरूर चेक करें। प्रभावित स्कूलों के छात्रों को दूसरे मान्यता प्राप्त स्कूलों में स्थानांतरित किया जा सकता है।

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