CM शुभेंदु अधिकारी का तीखा हमला- “ममता ने मतुआ समाज को बांटा, CAA का भी किया विरोध”
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी पर मतुआ समुदाय की अनदेखी करने और उन्हें बांटने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने CAA का भी विरोध किया।
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर मतुआ समुदाय की अनदेखी करने और समाज को बांटने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने मतुआ समुदाय के लिए कुछ नहीं किया और नागरिकता संशोधन कानून (CAA) का भी विरोध किया।
शुभेंदु अधिकारी रविवार को उत्तर 24 परगना जिले के ठाकुरनगर पहुंचे थे। यहां उन्होंने मतुआ समुदाय के पारंपरिक गढ़ में आयोजित अंतरराष्ट्रीय मतुआ गोसाई सम्मेलन 2026 में हिस्सा लिया। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि ठाकुरनगर के लिए कुछ कर पाना उनके लिए सबसे बड़ी उपलब्धि होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं यहां आकर खुश हूं। अगर मैं ठाकुरनगर के लिए कुछ कर सका तो यह मेरी सबसे बड़ी उपलब्धि होगी। पिछली मुख्यमंत्री ने मतुआ समुदाय और उनके समाज को बांटने का काम किया। उन्होंने उनके लिए कुछ नहीं किया। बल्कि सीधे तौर पर CAA का विरोध किया।” सीएम अधिकारी ने कहा कि वह सम्मेलन के दौरान कुछ घोषणाएं करेंगे और आने वाले दिनों में मतुआ समुदाय के हित में काम करेंगे।
बांग्लादेश से जुड़ी है मतुआ समुदाय की उत्पत्ति
गौरतलब है कि मतुआ समुदाय की उत्पत्ति वर्तमान बांग्लादेश के क्षेत्र में हुई थी। यह अनुसूचित जाति (SC) समुदाय है और 19वीं सदी के उत्तरार्ध में हरिचंद ठाकुर के नेतृत्व में शुरू हुए सामाजिक सुधार आंदोलन से जुड़ा है। इस आंदोलन ने मुख्य रूप से अविभाजित पूर्वी बंगाल के नमोशूद्र समुदाय को संगठित किया था। नमोशूद्र समुदाय भी पश्चिम बंगाल में अनुसूचित जाति की श्रेणी में आता है।
अब चुनाव मैदान में न उतरें ममता बनर्जी: मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी
इससे पहले, बंगाल मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए उन्हें चुनावी राजनीति से दूर रहने की सलाह दी थी। विधानसभा में नवनिर्वाचित विधायकों के शपथ ग्रहण समारोह के बाद शुभेंदु ने कहा कि उन्होंने भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी को हराया है। उन्होंने कहा, “ममता बनर्जी की उम्र 75 साल से अधिक हो चुकी है। उन्हें अब चुनाव लड़ने की जरूरत नहीं है, बल्कि घर पर आराम करना चाहिए।” इस दौरान उन्होंने विधानसभा की कार्यवाही और शपथ ग्रहण समारोह के सीधे प्रसारण का भी जिक्र किया।
