29 October, 2026 (Thursday)

बैलेट पेपर से हुए MLC चुनाव में कांग्रेस की कैसे लुटिया डूबी? हार के 5 सबसे बड़े कारण जानिए

देश के चार राज्यों में हुए एमएलसी चुनावों में कांग्रेस को महज एक सीट पर संतोष करना पड़ा है। कांग्रेस की क्यों बुरी तरह से हार हुई। इसके कई कारण सामने आए हैं।
नई दिल्लीः देश के 4 राज्यों में 28 MLC सीटों में से 27 सीटों के नतीजे घोषित हो चुके हैं। जबकि वाराणसी स्नातक चुनाव में दूसरी वरीयता के वोटों की गिनती जारी है। इस सीट पर सपा बड़े अंतर से आगे है। 27 सीटों में से एनडीए ने 16 सीटों पर शानदार जीत दर्ज की है। बात बीजेपी की करें तो 13 सीटों पर बीजेपी ने जीत दर्ज की है। कांग्रेस को महज एक सीट से संतोष करना पड़ा है। यूपी में समाजवादी पार्टी 4 सीट जीत चुकी है और एक सीट पर आगे है। वहीं महाराष्ट्र में शरद पवार की पार्टी एनसीपी शरद पवार ने दो सीटों पर कब्जा किया है। बात बिहार की करें तो यहां भी प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज का खाता खुल गया है। बिहार और कर्नाटक में कांग्रेस का खाता भी नहीं खुल पाया। अब सवाल उठता है कि बैलेट पेपर से हुए विधान परिषद चुनाव में कांग्रेस की क्यों बुरी तरह हार हुई। आइए जानते हैं इसके कारण।
1-बिहार में महागठबंधन में बिखरावः बिहार में आठ सीटों पर हुए एमएलसी चुनाव में महागठबंधन के बीच बिखराव देखा गया। कांग्रेस, आरजेडी और लेफ्ट पार्टियां अलग-अलग चुनाव लड़ीं। जिसकी वजह से वोटों में बिखराव हुआ। कांग्रेस और आरजेडी ने पटना शिक्षक, पटना स्नातक, दरभंगा शिक्षक, दरभंगा स्नातक और कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में अपने उम्मीदवार उतारे। दरभंगा शिक्षक निर्वाचन सीट पर कांग्रेस के मौजूदा एमएलसी चुनाव मैदान में थे। आरजेडी ने शुरुआत में इस सीट के लिए कोई उम्मीदवार नहीं उतारा था, लेकिन बाद में जब कांग्रेस ने पांचों निर्वाचन क्षेत्रों में अपने उम्मीदवार उतारने का फैसला किया, तो आरजेडी ने भी अपने उम्मीदवार उतार दिए। वहीं, दरभंगा में CPM ने भी अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया। नतीजा ये हुआ कि कांग्रेस के दिग्गज नेता मदन मोहन झा को 2,187 वोट मिले और रामदेव राय को 1,498 वोट मिले। आरजेडी उम्मीदवार कुमार राउत को 126 वोट मिले। कांग्रेस यह सीट जनसुराज के उम्मीदवार से हार गई। कांग्रेस यह सीट 324 वोटों से हारी। कांग्रेस को अपने सहयोगियों का सम्मान न करना भारी पड़ा। कांग्रेस ज्यादा सीट पर चुनाव लड़ने के चक्कर में अपनी सीट भी गंवा दी।

बिहार में किसको कितनी सीटें मिली

बिहार विधान परिषद की सभी 8 सीटों का रिजल्ट आ गया है। तीन सीटों पर बीजेपी ने जीत दर्ज की है। वहीं जेडीयू, आरजेडी और जनसुराज के खाते में एक-एक सीट आई है। जबकि निर्दलीय उम्मीदवारों ने दो सीटों पर जीत दर्ज की है। वहीं बात कांग्रेस की करें तो बिहार में कांग्रेस का खाता तक नहीं खुला है। बिहार MLC चुनाव में सबसे हाई प्रोफाइल पटना ग्रेजुएट सीट पर जेडीयू के नीरज कुमार ने चौथी बार जीत दर्ज की है। अनंत सिंह के खास और जनसुराज उम्मीदवार अनुज सिंह तीसरे नंबर पर रहे।
2- कांग्रेस का संगठन जमीनी स्तर पर कमजोरः जिन राज्यों में एमएलसी चुनाव हुए वहां पर कांग्रेस का संगठन जमीनी स्तर पर कमजोर है। सिर्फ कर्नाटक ऐसा राज्य है जहां पर कांग्रेस मजबूत है और उसकी वहां पर सरकार भी है। इसके बावजूद कांग्रेस कर्नाटक की सभी चारों एमएलसी सीट हार गई। बैलेट पेपर से हुए चुनाव में बीजेपी को तीन और उसकी सहयोगी जेडीएस को एक सीट मिली। JDS के एपी रंगनाथ ने कांग्रेस के पांच बार के MLC और विधान परिषद में उपनेता पुट्टना को हरा दिया।

3-जिताऊ उम्मीदवार के चयन में चूकः कांग्रेस की हार की सबसे बड़ी वजह जिताऊ उम्मीदवार के चयन में कमी भी रही। कांग्रेस ने जिताऊ उम्मीदवार की बजाय बड़े नेताओं के करीबियों पर भरोसा जताया। इसका खामियाजा भी उसे भुगतना पड़ा। कांग्रेस ने उम्मीदवारों के चयन में उस हिसाब से सतर्कता नहीं दिखाई, जिस तरह से बीजेपी, सपा और अन्य दलों ने दिखाई।

4-राहुल गांधी द्वारा खड़े किए गए नेरिटव को जमीन पर नहीं उतार पानाः राहुल गांधी ने युवाओं की बेरोजगारी, परीक्षा में पेपर लीक और सरकारी नौकरियों में धांधली जैसे कई ऐसे मुद्दे उठाए जो सीधा जनता से कनेक्ट करता है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी पिछले कई महीनों से वोट चोरी, चुनाव में गड़बड़ी और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते रहे हैं। राहुल गांधी द्वारा खड़े किए गए नेरेटिव को कांग्रेस के नेता जमीन पर नहीं उतार पाए।

5-कांग्रेस नेताओं के विवादित बयानः चुनाव नजदीक आने पर कांग्रेस के कई नेता कुछ ऐसे विवादित बयान दे देते हैं जिसका खामियाजा उसे भुगतना पड़ता है। बीजेपी विवादित बयानों को मुद्दा बना लेती है। अभी हाल में ही कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विवादित बयान दिया था। बीजेपी का आरोप है कि खरगे ने पीएम मोदी के पिता को गाली दी। कांग्रेस नेता दानिश अली ने भी वोट चोरी के मुद्दे पर अभी हाल में ही विवादित बयान दिया था।

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