27 October, 2026 (Tuesday)

CM शिवकुमार पर कुमारस्वामी ने गंभीर आरोप लगाए, कहा- ‘मेरे परिवार को खत्म करने की साजिश, 600 करोड़ की सुपारी दी गई’

केंद्रीय मंत्री और जनता दल (सेक्युलर) के नेता एचडी कुमारस्वामी ने CM शिवकुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे कर्नाटक की राजनीति में हड़कंप मच गया है।
नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री और जनता दल (सेक्युलर) के नेता एचडी कुमारस्वामी ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार पर पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के परिवार को राजनीतिक रूप से खत्म करने के लिए 600 करोड़ रुपये की कथित ‘सुपारी’ (कॉन्ट्रैक्ट किलिंग) देने का आरोप लगाया है।
उनके इस आरोप से कर्नाटक का राजनीतिक माहौल गरमा गया। इन आरोपों ने पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से जुड़े एक कथित स्टिंग ऑपरेशन को लेकर चल रहे विवाद में एक नया मोड़ ला दिया है।

कुमारस्वामी ने रविवार को आरोप लगाया कि देवेगौड़ा परिवार को निशाना बनाने वाली कई साजिशों के पीछे शिवकुमार का हाथ था। उन्होंने कथित 600 करोड़ रुपये की डील को भी ऐसी ही एक कोशिश बताया, जिससे JDS नेता और कर्नाटक कांग्रेस नेतृत्व के बीच जुबानी जंग और तेज हो गई है।

कुमारस्वामी ने क्या कहा?
कुमारस्वामी ने पत्रकारों से कहा, “यह कोई और नहीं, बल्कि मौजूदा मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने हमारे परिवार को खत्म करने का आदेश दिया था। इस मुख्यमंत्री ने हमारे परिवार को खत्म करने के लिए कई साजिशें रची हैं। इनमें से एक 600 करोड़ रुपये की ‘सुपारी’ (हत्या की सुपारी) वाली डील है।”

हालांकि इन गंभीर आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है। सार्वजनिक रूप से उपलब्ध किसी भी जांच रिपोर्ट में इस कथित डील के होने की पुष्टि नहीं हुई है और न ही इसमें शिवकुमार की संलिप्तता साबित हुई है।

यह विवाद किस बारे में है?
दरअसल कुमारस्वामी के ताजा आरोप सिद्धारमैया से जुड़े एक कथित ‘स्टिंग ऑपरेशन’ को लेकर हैं। इस मामले में स्टिंग की रिकॉर्डिंग, उनके प्रसार और उनके संभावित राजनीतिक नतीजों को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। JDS नेता ने पहले भी आरोप लगाया था कि शिवकुमार ने इस कथित स्टिंग ऑपरेशन की सामग्री का इस्तेमाल कांग्रेस नेतृत्व को प्रभावित करने और कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद में बदलाव की मांग करने के लिए किया था।

कुमारस्वामी का दावा है कि इस ऑपरेशन की रिकॉर्डिंग कांग्रेस आलाकमान के सामने पेश की गई थी। आरोप है कि इसका इस्तेमाल सिद्धारमैया पर इस्तीफा देने का दबाव बनाने के लिए किया गया, ताकि शिवकुमार के लिए मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो सके। ये दावे अभी भी केवल आरोप हैं जिनकी पुष्टि नहीं हुई है। ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं है जिससे यह साबित हो सके कि इन रिकॉर्डिंग का इस्तेमाल वास्तव में इसी मकसद के लिए किया गया था।

इससे पहले डीके शिवकुमार ने एक बड़ा दावा किया था और कहा था कि ‘मेटा चश्मे से मेरी और केरल के सीएम की जासूसी की गई’

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