मुंगेर में रत्नेश्वरनाथ मंदिर का होगा कायाकल्प, 9.10 करोड़ रुपये से बदलेगी तस्वीर, पर्यटन को मिलेगी नई पहचान
बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम ने इससे मुंगेर के धार्मिक पर्यटन को नई पहचान मिलने की उम्मीद है।
बिहार के मुंगेर जिले में धार्मिक पर्यटन को नई पहचान देने की तैयारी शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के गृह क्षेत्र तारापुर के रणगांव स्थित प्रसिद्ध रत्नेश्वरनाथ मंदिर का करीब 9 करोड़ 10 लाख रुपये की लागत से भव्य सुंदरीकरण कराया जाएगा। बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम ने इसके लिए निविदा जारी कर द है। योजना के तहत मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक पर्यटन सुविधाएं विकसित की जाएंगी। पर्यटन विभाग की देखरेख में एक साल के भीतर काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
रत्नेश्वरनाथ मंदिर को बनाया जाएगा भव्य
मुंगेर के रणगांव स्थित रत्नेश्वरनाथ मंदिर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में बिहार सरकार ने बड़ी पहल की है। बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम लिमिटेड की ओर से 9 करोड़ 10 लाख 44 हजार रुपये की लागत से मंदिर का सुंदरीकरण कराया जाएगा। इस योजना के तहत मंदिर में भव्य प्रवेश द्वार बनाया जाएगा। इसके लिए निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। 15 दिसंबर तक निविदा जमा होगी, जबकि 16 दिसंबर को निविदा खोली जाएगी। इसकी पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी।
हर तरह की सुविधा कराई जाएगी मुहैया
पूरे परिसर में आकर्षक लाइटिंग की व्यवस्था होगी। श्रद्धालुओं के लिए शुद्ध पेयजल, मंदिर की चहारदीवारी और जल निकासी के लिए ड्रेनेज सिस्टम का निर्माण कराया जाएगा। इसके अलावा मंदिर परिसर की लैंडस्केपिंग कर उसे आकर्षक बनाया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए तीन प्रसाद दुकानें, अलग जूता स्टैंड और महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग अलग चार-चार शौचालय बनाए जाएंगे। इस योजना से न सिर्फ मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि रणगांव और आसपास के इलाके में धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होने और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है।
डीपीआर हो गया है तैयार
पर्यटन विभाग के कार्यपालक अभियंता ओम प्रकाश के मुताबिक, मंदिर के सुंदरीकरण के लिए डीपीआर तैयार कर लिया गया है। डीपीआर के अनुरूप काम कराया जाएगा और एक साल के भीतर योजना को पूरा करने का लक्ष्य है।कुल मिलाकर, 9 करोड़ रुपये से अधिक की यह परियोजना पूरी होने के बाद रत्नेश्वरनाथ मंदिर को धार्मिक आस्था के साथ-साथ पर्यटन के नए केंद्र के रूप में विकसित करने की उम्मीद है।
