बैन हुए चाइनीज एप डाउनलोड करने के लिए भारतीय छात्रों को किया जा रहा परेशान
भारत सरकार ने 2020 में 250 से भी अधिक चाइनीज मोबाइल एप्स बैन किए थे। अब उन बैन हुए एप्स को लेकर चाइनीज यूनिवर्सिटीज में पढ़ रहे करीब 23,000 से ज्यादा छात्रों को परेशान किया जा रहा है। इन छात्रों को ऑनलाइन क्लास के लिए बैन हुए चाइनीज एप्स को डाउनलोड करने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक चीन के अधिकतर यूनिवर्सिटीज में WeChat, DingTalk, SuperStar और Tencent जैसे एप्स का इस्तेमाल हो रहा है, जबकि भारत में इन एप्स पर प्रतिबंध हैं और चाइनीज यूनिवर्सिटीज में पढ़ने वाले भारतीय छात्रों की क्लास फिलहाल भारत से ही चल रही है। छात्रों का आरोप है कि यूनिवर्सिटीज उन्हें अपने पाठ्यक्रम जारी रखने के लिए बैन हुए एप्स को डाउनलोड करने के लिए मजबूर कर रहे हैं।
इस मामले को लेकर इंडियन स्टूडेंट्स इन चाइना (ISC) ने भारतीय और चीनी दोनों अधिकारियों से शिकायत की है। अपनी पढ़ाई को लेकर मजबूर छात्र फिलहाल वीपीएन के जरिए बैन हुए एप्स का इस्तेममाल कर रहे हैं।
दिल्ली के शाहरुख खान नाम के एक छात्र ने बताया है कि वह चीन की सूचो यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करते हैं। शाहरुख के मुताबिक पहपले वीचैट एप पर ऑनलाइन क्लासेज होती थीं, लेकिन बाद में इसे डिंगटॉक पर किया गया। भारत सरकार ने इसे भी बैन कर दिया है। ऐसे में काफी दिक्कत हो रही है।
