पुलवामा बरसी पर फिर ताजा हुई दर्दनाक यादें, कश्मीर घाटी में सर्च ऑपरेशन तेज, श्रीनगर समेत हाई अलर्ट
पुलवामा हमले की 7वीं बरसी पर एक बार फिर दर्दनाक यादें ताजा हो गईं. पूरे कश्मीर घाटी को हाई-अलर्ट जोन में घोषित कर दिया गया है. 2019 में लेथपोरा में हुए आत्मघाती हमले में शहीद केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के 40 जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने निगरानी और सख्त कर दी है. श्रीनगर समेत संवेदनशील इलाकों में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिए गए हैं और हर प्रमुख स्थान पर सुरक्षाबलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है.
बीते शुक्रवार को श्रीनगर के लाल चौक पर सुरक्षा एजेंसियों ने सर्च ऑपरेशन चलाया. बरसी से पहले सुरक्षा बढ़ाने के लिए यहां संयुक्त तलाशी अभियान चलाया गया और कई संवेदनशील स्थानों पर नाके लगाए गए. ऑपरेशन के दौरान होटलों, लॉज और बिजनेस सेंटरों की गहन जांच की गई. अधिकारियों ने बताया कि होटल मालिकों से ठहरने वाले लोगों का पूरा विवरण लेकर उसका वेरिफिकेशन किया गया ताकि कोई संदिग्ध गतिविधि छूट न जाए.
श्रीनगर में सर्च अभियान हालात सामान्य
पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की मौजूदगी पूरे क्षेत्र में बनी रही. थोड़ी देर के लिए ट्रैफिक भी रेगुलेट किया गया, लेकिन बाद में हालात सामान्य हो गए. यह सर्च अभियान एहतियातन चलाया गया ताकि श्रीनगर और आसपास के क्षेत्रों में किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके.
केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल काफिले पर हमला
बता दें कि 14 फरवरी 2019 की, दोपहर करीब 3 बजकर 10 मिनट पर CRPF के 2500 से ज्यादा जवानों का काफिला जब हाईवे से गुजर रहा था, तभी पुलवामा के लेथपोरा में एक कार तेजी से आकर जवानों की बस से टकराई. कार में 300 किलो से अधिक विस्फोटक था, जिसने कुछ ही सेकंड में 40 जवानों की जान ले ली. विस्फोट से पूरा इलाका धुएं और चीखों से भर गया.
इस हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन ‘जैश-ए-मोहम्मद’ ने ली थी. इस हमले से पूरा देश सदमे में था, लेकिन 12 दिन बाद भारत ने जवाब देते हुए ‘बालाकोट’ में एयर स्ट्राइक की, जिसमें कई आतंकी मारे गए. तब से 14 फरवरी को शहीदों की याद का दिन माना जाता है.
