अपने बच्चों की जिंदगी में हस्तक्षेप का नहीं रहा अधिकार? दो बेटियों ने पिता को क्यों दी दर्दनाक मौत
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से ऐसी खबर सामने आई है, जो सिर्फ बांप-बेटी के रिश्ते को शर्मसार नहीं कर रही है, बल्कि माता-पिता द्वारा बच्चों की परवरिश के अधिकार पर भी सवाल खड़े कर रही है। क्योंकि यहां दो बहनों ने अपने पिता के गले और पेट में चाकू घोंपकर सिर्फ इसलिए मौत के घाट उतार दिया क्योंकि वह उनकी जिंदगी में रोक-टोक कर रहे थे।
मोरना गांव की है घटना
मामला भोपा थाना क्षेत्र के मोरना गांव की है, जहां दो युवतियों ने अपने ही पिता 58 वर्षीय रामप्रसाद को बड़ी ही बेरहमी से मौत की नींद सुला दी। सोमवार सुबह जब पत्नी चंद्रकली ने कमरे में देखा तो रामप्रसाद का शव खून से लथपथ पड़ा मिला। ऐसी हालत में अपने पति का शव देख चंद्रकली चीख पड़ी जिसका शोर सुनते ही आस-पास के लोग इकट्ठे हो गए। हालांकि चंद्रकली को इस हादसे की खबर नहीं थी जिसके कारण, उन्होंने बताया कि उनके पति की हत्या अज्ञात व्यक्तियों द्वारा की गई है।
पूछताछ में हुआ पर्दाफाश
इस मामले का पर्दाफाश तब हुआ जब खून से सना चाकू और कपड़े बरामद हुआ। मौके पर पहुंचे एसपी देहात आदित्य बंसल, क्षेत्राधिकारी देवव्रत वाजजपेई व थाना प्रभारी निरीक्षक जसवीर सिंह ने घटना की जांच शुरू की। मौके पर फॉरेंसिक एक्सपर्ट भी बुलाए। पूछताछ के दौरान सच्चाई सामने आ गई। एसपी बंसल ने बताया कि मृतक की बड़ी बेटी 30 वर्षीय कोमल और एक नाबालिग बेटी ने इस वारदात को अंजाम दिया है। आरोपितों ने जो वजह बताई है वो भी हैरान कर देने वाली है।
हत्या की क्या थी वजह?
दोनों युवतियों का कहना है कि उनके पिता रामप्रसाद दोनों को टोका टाकी करता था। इसके अलावा बेटे और बेटी में फर्क भी करता था। इन्ही कारणों के चलते पिता और आरोपितों में रविवार रात बहस भी हुई जिसके बाद दोनों आग बबूला हो गई और अपने ही पिता के खून की प्यासी हो गई। उसके बाद दोनों बेटियों ने योजनाबद्ध तरीके से पिता की हत्या कर दी। खून से सने कपड़ों को भूसे में छिपाकर रख दिया था। राम प्रसाद के बेटे अमित कुमार की तरफ से अपनी दोनों बहनों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया है।
