फोन पर दिया तीन तलाक, संपर्क किया खत्म, मियां ने बीवी-बच्चे को दर-दर भटकने पर किया मजबूर
Teen Talaq : देश में तीन तलाक पर कड़ा कानून लागू होने के बावजूद महिलाओं के उत्पीड़न की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के रक्सौल अनुमंडल क्षेत्र में एक और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां बरगीनिया की रहने वाली शबनम को उनके पति ने फोन पर तीन तलाक दे दिया। फिलहाल, शबनम अपने छोटे बच्चे के साथ एक शेल्टर होम में रहकर आत्मनिर्भर बनने की कोशिश कर रही हैं।
ससुराल पक्ष का लगातार उत्पीड़न
शबनम ने बताया कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष द्वारा मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न किया जा रहा था। दबाव के चलते उन्होंने इसकी जानकारी अपने पति मोहम्मद राजू को दी, जो लुधियाना में काम करते थे। पति ने उन्हें लुधियाना बुलाया, लेकिन जब वह वहां पहुंचीं, तो पति ने मिलकर बातचीत करने से इंकार कर दिया। इसके बाद, शबनम का आरोप है कि पति ने फोन पर तीन बार तलाक बोला और संपर्क तोड़ लिया।
स्वच्छ रक्सौल संस्था की मदद से नया जीवन
शबनम के पास अब कोई सहारा नहीं था। एक छोटे बच्चे के साथ वह दर-दर भटकती रहीं। इसी दौरान सोशल मीडिया के माध्यम से उनका संपर्क ‘स्वच्छ रक्सौल’ संस्था के निदेशक रंजीत सिंह से हुआ। संस्था ने उन्हें शेल्टर होम में आश्रय दिया और सिलाई-कढ़ाई तथा ब्यूटिशियन का निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया, ताकि वह आत्मनिर्भर बन सकें। इसके साथ ही, संस्था ने शबनम के बेटे का नामांकन एक स्थानीय स्कूल में भी कराया।
संस्था का उद्देश्य और समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की पहल
संस्था का कहना है कि उनका उद्देश्य ऐसी महिलाओं को सहारा देना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना है। शबनम की कहानी एक बार फिर यह सवाल उठाती है कि तीन तलाक कानून के बावजूद महिलाओं की सुरक्षा में क्यों कोई ठोस बदलाव नहीं आया है। इस मामले में प्रशासन का क्या कदम उठाया जाएगा, यह देखना बाकी है।
