नई शिक्षा नीति पर आधारित पाठ्यक्रम वर्तमान सत्र से लागू करेंगे केंद्रीय विश्वविद्यालय
केंद्रीय विश्वविद्यालय, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) और निजी क्षेत्र के उच्च शैक्षिक संस्थान वर्तमान सत्र से ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति के मुताबिक पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए तैयार हैं। केंद्रीय विश्वविद्यालय नए गैर-तकनीकी स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों पर काम कर रहे हैं जिसमें छात्र 12वीं करने बाद सीधे स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश ले सकेंगे। यह पहल नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में उल्लिखित कई बार प्रवेश और कई बार निकासी की व्यवस्था पर आधारित है।
आइआइटी की ताजा पहल में स्कूल आफ आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की स्थापना शामिल
दिल्ली आइआइटी के निदेशक वी. रामगोपाल राव के मुताबिक, आइआइटी की ताजा पहल में स्कूल आफ आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की स्थापना शामिल है। इसी तरह आइआइटी दिल्ली ने सेंटर फार ट्रांसपोर्ट रिसर्च एंड इंजरी प्रिवेंशन, डिपार्टमेंट आफ एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग की स्थापना की है।
इलेक्टि्रक मोबिलिटी और पब्लिक पालिसी पर यहां स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम शुरू किया गया है। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय में तीन नए इंटीग्रेटेड कोर्स शुरू होने जा रहे हैं। ये कोर्स सत्र 2021-22 सत्र से फिजिक्स, कैमिस्ट्री और मैथ्स में उपलब्ध होंगे।
भारत को वैश्विक ज्ञान के केंद्र में बदल देगी राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020: धर्मेंद्र प्रधान
वहीं, इसके पहले अभी हाल ही में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा था कि नई शिक्षा नीति 2020 भारत को वैश्विक ज्ञान के केंद्र में बदल देगी और इसमें आइआइटी अहम भूमिका निभाएंगे। उन्होंने आइआइटी खड़गपुर के 71वें स्थापना दिवस कार्यक्रम को वर्चुअली संबोधित करते हुए यह बात कही थी। उन्होंने कहा था कि आइआइटी सिर्फ सीखने के केंद्र नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण के केंद्र होंगे। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, जिसने एक वर्ष पूरा कर लिया है, का उद्देश्य शिक्षा में पहुंच बढ़ाना और समानता की दृष्टि को साकार करना है। जैसे-जैसे अधिक से अधिक युवा तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने की इच्छा रखेंगे, हम सुनिश्चित करेंगे कि अंग्रेजी में दक्षता की कमी के कारण कोई भी वंचित न रहे।
