कुशीनगर में कोरोना सुन्य के बराबर पहुंची,फिर भी निजी विद्यालय के स्कूलों को खोलने में सरकार मौन-शेषनाथ सिंह
पडरौना,कुशीनगर : जनपद भर के निजी विद्यालयों के प्रबंधकों प्रधानाचार्य के नेतृत्व में शनिवार को जिलाधिकारी कार्यालय के सामने बुद्धा पार्क में धरना प्रदर्शन कर कक्षा 1 से 8 तक के बंद पड़े विद्यालयों को पुनः खोलने की मांग की।
धरने को संबोधित करते हुए संगठन के अध्यक्ष शेषनाथ सिंह ने कहा कि कोरोना काल में सभी सेक्टर बारी-बारी से खोल दिए गए हैं.जबकि विभिन्न प्रांतों में चुनाव भी कराया गया.इतना ही नहीं माल,बाजार,सिनेमा हॉल,शराब की दुकानें भी खुल गए.किंतु सरकार ने स्कूलों में कक्षा आठ से 1 से 8 तक के विद्यालयों को खोलने के बारे में सोचा भी नहीं। संगठन के अध्यक्ष श्री सिंह ने आगे कहा कि पिछले जुलाई माह से ही बार-बार ज्ञापन के माध्यम से सरकार को निजी विद्यालय के समस्याओं को से अवगत कराया जाता रहा है.परंतु सरकार ने किसी भी प्रकार की कोई ठोस निर्णय नहीं लिया.जिससे विद्यालय चलाने वाले लोग भुखमरी के कगार पर आ चुके हैं।
उन्होंने कहां की प्रदेश में कोरोनावायरस संक्रमण सुन्यबराबर की स्थिति में है.सब कुछ सामान हो चला है.यहां तक कि टीकाकरण अभियान भी प्रारंभ हो चुकी है.ऐसे में सिर्फ विद्यालयों को बंद करना समझ से परे है.उन्होंने चेतावनी देने देते हुए कहा कि अगर 30 जनवरी तक कक्षा 1 से 8 तक के विद्यालयों के खोलने के मामले में सरकार निर्णय नहीं लिया तो अनिश्चितकालीन धरना के साथ आंदोलन व भूख हड़ताल करने पर संगठन मजबूर होगा।
इसी क्रम में संगठन के महामंत्री राकेश कुमार राय ने कहा कि सरकार के निर्देश पर निजी संचालकों ने ऑनलाइन शिक्षा दे रहे हैं.किंतु अभिभावकों द्वारा ऑनलाइन शिक्षा के नाम पर शुल्क देने से आनाकानी करते चले आ रहे हैं.सरकार को चाहिए कि ऑनलाइन पढ़ाने वाले अध्यापकों को सरकार अपनी ओर से मानदेय दिलवाने का कार्य करें।
संगठन के उपाध्यक्ष महेंद्र दीक्षित ने कहा कि विगत 10 वर्षों से किसी ना किसी बहाने निजी विद्यालयों को बंद करने का कार्य अधिकारी कर्मचारियों द्वारा किया जा रहा है.जबकि कोरोना वायरस आने के बाद से ही बंद चल रहे विद्यालय को अब वर्तमान में कोरोनावायरस समाप्ति की और होने के बाद भी निजी विद्यालयों को एक साजिश के तहत बंद किया गया है.जिससे विद्यालयों के अस्तित्व समाप्त करने को लेकर गरीब परिवार के पढ़ने वाले स्कूल बच्चों की गुणवत्ता शिक्षा से वंचित किया जा रहा है।
धरने का अध्यक्षता निजी प्रबंध अशासकीय विद्यालय कल्याण समिति के अध्यक्ष शेषनाथ सिंह ने की जबकि संचालन नवल किशोर त्रिपाठी ने किया। धरने में निचकित्ता भट्ट,भानु प्रकाश मिश्रा,गिरजा शंकर गुप्ता,वीरेंद्र कुशवाहा, अवधेश सिंह,डॉ सुनीता पांडेय,अलका पनपानियां,गीता केडिया, रामा खेतान,अजय श्रीवास्तव,गिरजेश कुशवाहा,रणजीत लाल श्रीवास्तव,शिवनाथ पांडेय,प्रभुनाथ सिंह, धीरेंद्र मोहन सहाय,प्रशांत पांडेय, डॉक्टर नरेंद्र पांडेय, जटाशंकर गुप्ता,शैलेश कुशवाहा,किशोरी लाल गुप्ता,प्रभुनाथ सिंह,सुरेश सिंह,इंद्रजीत,महेंद्र सिंह, विद्याधर शुक्ल आदि ने संबोधित।
इस अवसर पर नरेंद्र सिंह,अमरनाथ, मुख्तार अंसारी,निकिलदेव श्रीवास्तव,चंद्र प्रताप गुप्ता,शंभूनाथ गुप्ता, अभय सिंह,श्रीमती मंजू राय,समीम अहमद, कलामुद्दीन अंसारी, अमरनाथ यादव,राघवेन्द्र तिवारी,मोहम्मद इजराइल खां,बिनोद शर्मा,मोहम्मद हुसैन अंसारी,सच्चिदानंद झा, संत कुमार सिंह आदि निजी विद्यालयों के संचालक उपस्थित रहे।
