05 June, 2026 (Friday)

Indresh Upadhyay: शाम के समय कौन से काम नहीं करने चाहिए? कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय ने बताया

Indresh Upadhyay: कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय ने अपने एक प्रवचन में बताया था कि शाम के समय कौन से कामों को भूलकर भी नहीं करना चाहिए? ऐसे में आइए जानते हैं शाम के समय न किए जाने वाले कामों के बारे में.
Indresh Upadhyay: शाम के समय कौन से काम नहीं करने चाहिए? कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय ने बताया
कथावाचक इंद्रेश उपाध्यााय

Indresh Upadhyay: इंद्रेश उपाध्याय जाने माने कथावाचक हैं. कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय ने पांच दिसंबर को हरियाणा की रहने वाली शिप्रा शर्मा के साथ विवाह किया. जयपुर के ताज आमेर होटल में दोनों ने सात फेरे लिए. कथावाचक इंद्रेश के विवाह में कई प्रसिद्ध साधु संत पहुंचे थे. इंद्रेश उपाध्याय की विवाह की तस्वीरों से सोशल मीडिया भरा पड़ा है. विवाह की वजह से इंद्रेश उपाध्याय के कई पुराने प्रवचन के वीडियो वायरल हो रहे हैं.

इंद्रेश उपाध्याय लोगों को सदमार्ग पर चलने के लिए कहते हैं. ईश्वर की भक्ति करने की सलाह देते हैं. वो लोगों के जीवन को सीधे प्रभावित करने वाली बाते बताते हैं. कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय ने अपने एक प्रवचन में बताया था कि शाम के समय कौन से कामों को भूलकर भी नहीं करना चाहिए? ऐसे में आइए जानते हैं शाम के समय न किए जाने वाले कामों के बारे में.

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शाम के समय न करें ये काम
सोना
कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय ने अपने प्रवचन में बताया था कि धरती पर सबके आने का एक समय निश्चित है. शाम का समय भगवान शिव और माता लक्ष्मी का माना जाता है, इसलिए इस समय भूलकर भी सोना नहीं चाहिए. शाम के समय सोना शुभ नहीं होता.

अध्ययन
कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय के अनुसार, शाम के समय कभी भी अध्ययन नहीं करना चाहिए. माना जाता है कि इस समय जो भी अध्ययन किया जाता है वो याद नहीं रहता, इसलिए भूलकर भी शाम के समय में अध्ययन न करें.

नई क्रिया
इंद्रेश उपाध्याय बताते हैं कि शाम के समय किसी नई क्रिया की शुरुआत नहीं करनी चाहिए. उदाहरण के तौर पर विवाह के अधिकतर शुभ मुहूर्त संध्या या गोधूली बेला में आते हैं. वो भी पंडित पंचांग की गणना करके निकालते हैं.

सहवास
शाम के समय सहवास नहीं करना चाहिए. इससे उर्जा का दुरपयोग होता है. साथ ही संतान के प्रभाव पर भी इसका नकरात्मक असर पड़ सकता है.

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