UP में नकली CBI-IPS बनकर दिखाया डिजिटल अरेस्ट का डर, महिला से की 3.09 करोड़ की ठगी
: उत्तर प्रदेश में साइबर ठगों ने खुद को सीबीआई और आईपीएस अधिकारी बताकर 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला को ‘डिजिटल गिरफ्तारी’ का डर दिखाया और उनसे 3 करोड़ 9 लाख रुपये ठग लिए. डर में आकर महिला ने अपनी एफडी तोड़ दी, शेयर बेच दिए और गहने गिरवी रखकर पैसे जुटाई. मामले में साइबर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
शिकायत में बताया गया है कि 1 सितंबर 2025 को महिला को एक कॉल आया, जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को सीबीआई अधिकारी ‘प्रदीप मिश्रा’ के रूप में पेश किया. इसके बाद एक अन्य व्यक्ति ने संपर्क किया और खुद को आईपीएस अधिकारी ‘सुनील कुमार गौतम’ बताया. आरोपियों ने महिला को यह कहते हुए डराया कि उसका मोबाइल नंबर 68 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले से जुड़ा है और उसके खाते में 68 लाख रुपये संदिग्ध तरीके से ट्रांसफर हुए हैं, उन्हें धमकी दी गई कि अगर उन्होंने सहयोग नहीं किया तो उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा और उनके परिवार के सदस्य भी कार्रवाई के दायरे में आएंगे.
फर्जी दस्तावेज से दिया भरोसा
ठगों ने व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर पुलिस वर्दी और थाने जैसी पृष्ठभूमि दिखाकर महिला का भरोसा जीत लिया, उन्हें हर घंटे ‘सेफ एट होम’ संदेश भेजने, लोकेशन साझा करने और परिवार से बात न करने के निर्देश दिए. फर्जी आरबीआई दस्तावेज दिखाकर पैसा लौटाने का भरोसा दिलाया. डर की वजह से महिला ने 9 सितंबर 2025 से 30 अक्टूबर तक 3.09 करोड़ रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर किए. पैसे जुटाने के लिए उन्होंने एफडी तोड़ी, गोल्ड लोन लिया और शेयर बेचे.
अलग-अलग मोबाइल नंबरों से संपर्क में थे
पीड़िता ने बताया कि आरोपी अलग-अलग मोबाइल नंबरों से संपर्क में थे, जिनमें एक नंबर अब भी चालू है. उन्होंने पुलिस से संदिग्ध खातों को तुरंत फ्रीज करने और रकम वापस दिलाने की अपील की है. वहीं, एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि संबंधित मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल, आईपी लॉग और बैंक खातों की जांच की जा रही है. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान फोन कॉल पर खुद को अधिकारी बताने वालों के झांसे में न आएं और ऐसी स्थिति में तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें.
