पूर्व सांसद बालेश्वर यादव ने फिर थामा सपा का दामन पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ग्रहण करवाई सदस्यता
पडरौना, कुशीनगर । पूर्व सांसद ने बसपा छोड़ सपा का दामन थाम लिया। पूर्व सांसद बालेश्वर यादव को पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सपा की सदस्यता ग्रहण कराई। फिलहाल बालेश्वर यादव की घर वापसी हो चुकी है।
बता दें कि आज लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी के कार्यालय में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की उपस्थिति में पूर्व सांसद बालेश्वर यादव ने सपा का दामन थाम लिया। सूत्रों ने बताया है कि बसपा के और भी नेता जल्द ही सपा में शामिल होंगे।
2022 की तैयारी में जुटे सपा प्रमुख अखिलेश यादव लगातार दूसरे दलों से आए हुए लोगों को सपा में शामिल कर रहे हैं. बालेश्वर यादव का सपा में शामिल होने से पार्टी को मजबूती मिलेगी साथ ही साथ पूर्वांचल की राजनीति में भी बहुत बड़ा बदलाव समय के साथ देखने को मिलेगा.
बता दें कि पूर्व सांसद बालेश्वर यादव 1964 में बीआरडीपीजी कॉलेज देवरिया के छात्रसंघ महामंत्री बने थे। चौधरी चरण सिंह के सानिध्य में 1967 में राजनीति की शुरूआत की। इसी बीच ठेकेदारी का काम भी करते रहे। ठेकेदारी के दौरान उन्होेंने अपना राजनैतिक कार्यक्षेत्र पडरौना बना लिया। जिले के रुद्रपुर में 24 दिसंबर 1941 को जन्में बालेश्वर 1980 में पहली बार पडरौना विधानसभा से लोकदल के बैनर से चुनाव लड़े लेकिन हार गए।
1985 में पडरौना से पहली बार विधायक चुने गए। 1989 में जनता दल से पडरौना के सांसद बने। 1993 में पडरौना से दुबारा विधायक चुने गए। समाजवादी पार्टी के गठन के बाद देवरिया के जिलाध्यक्ष बने। वर्ष 2004 में तत्कालीन जिलाध्यक्ष राम अवध यादव को सपा ने पडरौना से लोकसभा का टिकट थमा दिया। इससे वह नाराज होकर उन्होंने नेलोपा समर्थित निर्दल प्रत्याशी के रूप में लोकसभा के चुनाव में उतरे और जीत दर्ज की।
बीच में उन्होेंने बसपा और कांग्रेस का दामन भी थाम लिया। वर्ष 2009 में बालेश्वर यादव ने देवरिया लोकसभा से कांग्रेस के प्रत्याशी रहे। इसमें बसपा प्रत्याशी गोरखप्रसाद जायसवाल ने जीत दर्ज की थी। विधानसभा चुनाव 2012 के पूर्व सपा में वापसी की। उस समय मुलायम सिंह यादव ने उन्हें दुर्दिन का साथी बताया था। विधानसभा चुनाव में पडरौना से सपा ने उनके पुत्र बबलू यादव को टिकट थमाया लेकिन हार का सामना करना पड़ा
