जेल काटी और खूब मलालत झेली, फिर भी राजपाल यादव का नहीं सुलझा चैक बाउंस का विवाद, दिल्ली हाईकोर्ट ने सुरक्षित किया फैसला
राजपाल यादव का चैक बाउंस मामला अभी तक सुलझा नहीं है और इस मामले पर सुनवाई हुई है। हालांकि कोर्ट ने इस मामले को लेकर अपना फैसला सुरक्षित कर लिया है।
बॉलीवुड एक्टर और कॉमेडियन राजपाल यादव बीते दिनों जेल में भी सजा काट चुके हैं। करोड़ो रुपयों के चैक बाउंस मामले में उलझे राजपाल यादव को अभी भी इस मामले से निजात नहीं मिल पा रहा है। आज दिल्ली हाईकोर्ट में इस मामले पर सुनवाई हुई थी। जिसमें दोनों पक्षों के बाद कोई समझौता नहीं हो पाया है। जिसके बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मामले पर अपना फैसला सुरक्षित रखा है। वहीं राजपाल यादव का कहना है कि उन्हें कोर्ट का हर आदेश मान्य है।
क्या है पूरा मामला?
ये पूरा मामला करीब 15 साल पुराना है और साल 2012 में रिलीज हुई फिल्म ‘अता पता लापता’ से जुड़ा है। इस फिल्म को राजपाल यादव ने खुद डायरेक्ट किया था और इसके लिए 5 करोड़ रुपयों का लोन मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड नाम से लिया था। लेकिन फिल्म बॉक्स ऑफिस पर महाफ्लॉप साबित हुई थी और जिसके चलते राजपाल यादव को तगड़ा घाटा लगा। घाटे के बाद राजपाल यादव ने अपना कर्ज उतारने के लिए करीब 7 चैक दिए जिनमें से कई चैक बाउंस हो गए। इसके बाद मामला कोर्ट में पहुंचा और 2018 में कोर्ट ने राजपाल को धारा 138 के तहत दोषी करार दिया। इसके बाद इसी साल फरवरी के महीने में राजपाल को तिहाड़ जेल में सरेंडर करना पड़ा था और यहां कुछ दिनों तक रहने के बाद राजपाल जमानत पर बाहर आ गए थे। जेल से बाहर आते ही राजपाल अपनी भतीजी की शादी अटैंड करने अपने गांव पहुंचे थे।
जेल काटने के बाद भी नहीं सुलझा विवाद
वहीं इस मामले पर आज कोर्ट में सुनवाई हुई है और दोनों ही पक्षों के बीच समझौते की कोशिश की गई थी। हालांकि दोनों पक्षों के बीच किसी तरह की सहमति नहीं बन पा रही है और मामला अभी भी सुलझा नहीं है। जेल में कई दिल बिताने के बाद राजपाल यादव के लिए ये मामला गले की फांस बनता जा रहा है। अब कोर्ट ने इस मामले को लेकर अपना फैसला सुरक्षित कर लिया है। वहीं राजपाल इस मामले के साथ फिल्मी दुनिया में वापस लौट आए हैं और एक बार फिर फिल्मों की शूटिंग शुरू कर चुके हैं। बीते दिनों भूत बंगला के सेट से राजपाल यादव ने अपनी कुछ तस्वीरें शेयर की थीं।
