05 June, 2026 (Friday)

गर्मियों की छुट्टियों पर CM योगी की पाती, बच्चों और अभिभावकों से की खास अपील; जानें क्या बोले

सीएम योगी ने गर्मी की छुट्टियों को लेकर पत्र लिखा है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को ननिहाल-ददिहाल ले जाने की अपील की। इसके साथ ही उन्होंने इस बार की छुट्टी को प्लास्टिक मुक्त बनाने की अपील की है।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने गर्मियों की छुट्टियों को देखते हुए बच्चों और अभिभावकों को खास संदेश दिया है। अपने पत्र में उन्होंने अभिभावकों से अपील की है कि वह अपने बच्चों को ननिहाल-ददिहाल अवश्य ले जाएं। उन्हें परिवार के साथ समय बिताने दें, ताकि वे अपने संस्कारों और परंपराओं को निकट से जान सकें। इसके अलावा गर्मियों में बच्चों को प्रकृति से जोड़ने का भी प्रयास करें। सीएम योगी ने बच्चों से छुट्टियों में नई भाषा या नया कौशल सीखने की भी अपील की। उन्होंने छुट्टियों को प्लास्टिक मुक्त बनाने की भी अपील की।

नई आदतें विकसित करें
सीएम योगी ने अपने पत्र में लिखा, “गर्मी की छुट्टियां आप सभी के लिए आनंद, उत्साह और नए शोध का समय लेकर आती हैं। स्कूल की व्यस्त दिनचर्या से थोड़ी राहत मिलते ही मन कुछ नया सीखने, नए स्थान देखने और अपनों के साथ समय बिताने को उत्सुक हो उठता है। यही अवसर है, जब आप अपनी रुचियों को पहचानें, नई आदतें विकसित करें एवं जीवन के ऐसे अनुभव प्राप्त करें, जो आगे चलकर आपके सम्पूर्ण व्यक्तित्व निर्माण में सहायक हों। किशोर एवं युवा इन छुट्टियों में नई भाषा या नया कौशल सीख सकते हैं। यह समय अच्छी पुस्तकों से मित्रता, फोटोग्राफी, चित्रकारी, पाक कला, संगीत एवं बागवानी जैसी रुचियों को पूजा करने का भी हो सकता है।”

बच्चे को ननिहाल-ददिहाल ले जाएं
उन्होंने पैरेंट्स से भी अपील करते हुए कहा, “प्रिय अभिभावकों, कुछ बातें मैं आपसे भी साझा करना चाहता हूं। हममें अधिकतर लोगों ने बचपन में दादा-दादी, नाना-नानी से कहानियां सुनी होंगी। आज बच्चे इन अनुभवों से दूर होते जा रहे हैं। मेरा आपसे आग्रह है कि इन छुट्टियों में बच्चे को ननिहाल-ददिहाल अवश्य ले जाएं। उन्हें परिवार के साथ समय बिताने दें ताकि वे अपने संस्कारों एवं परंपराओं को निकट से जान सकें।”

बच्चों को प्रकृति से जोड़ने का प्रयास करें
सीएम योगी ने प्रकृति से जुड़ने की अपील करते हुए कहा, “ग्रीष्मावकाश में आप बच्चों को प्रकृति से जोड़ने का भी प्रयास करें। उनके साथ पौधे लगाएं, उनकी देखभाल का दायित्व उन्हें दें तथा आसपास स्वच्छता बनाए रखने की आदत विकसित करें। जब बच्चे मिट्टी, वृक्ष और जल के महत्व को समझते हैं, तभी उनके अंदर पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता विकसित होती है। याद रखिए, जिस वृक्ष की जड़ें मजबूत होती हैं, वही सबसे अधिक फलदायी एवं दीर्घजीवी होता है। हमारी संस्कृति और संस्कार भी वैसी ही होते हैं।”

बच्चों को प्रकृति, संस्कृति और स्वास्थ्य से जोड़ें
सीएम योगी ने आगे कहा, “एक आवश्यक बात और… घूमना-फिरना जीवन को समझने का माध्यम हैं। बच्चों को ऐसे स्थानों पर ले जाएं, जहां वे प्रकृति एवं लोक विविधता का अनुभव करें। दुधवा राष्ट्रीय उद्यान, चूका बीच तथा कतर्निया घाट वन्यजीव विहार जैसे स्थल प्रकृति की अपार सुंदरता से परिचित कराते हैं और यात्रा को चिर-स्मरणीय बना देते हैं। यदि हम इन छुट्टियों में बच्चों को प्रकृति, संस्कृति और स्वास्थ्य से जोड़ पाएं, तो यह समय उनके जीवन की अमूल्य पूंजी बन जाएगा।”

प्लास्टिक मुक्त हों छुट्टियां
छुट्टियों को प्लास्टिक मुक्त बनाने की अपील करते हुए उन्होंने कहा, “मेरी आप सभी से अपील है कि इन छुट्टियों को प्लास्टिक-मुक्त बनाने का भी संकल्प लें। यात्रा से या पिकनिक, कपड़े या जूट के थैलों का प्रयोग करें, प्लास्टिक कचरा इधर-उधर न फैलाएं और बच्चों को भी स्वच्छ एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दें। छोटे-छोटे प्रयास ही भविष्य के बड़े परिवर्तन का आधार बनते हैं।”

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