केंद्रीय विश्वविद्यालय सहित उच्च शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों के खाली पद भरने के लिए चलेगा अभियान
इनमें दिल्ली विश्वविद्यालय, इलाहाबाद विश्वविद्यालय, हरी सिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर (मध्य प्रदेश), केंद्रीय विश्वविद्यालय ओडिशा, केंद्रीय विश्वविद्यालय कश्मीर, केंद्रीय विश्वविद्यालय हरियाणा आदि की स्थिति कुछ ज्यादा ही दयनीय है। यहां स्वीकृत पदों के मुकाबले शिक्षकों के करीब आधे पद खाली हैं।
वैसे भी देश में कुल 45 केंद्रीय विश्वविद्यालय हैं और सभी में शिक्षकों के पद बड़ी संख्या में खाली हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्रीय विश्वविद्यालयों जैसी ही स्थिति कमोबेश आइआइएम, आइआइटी और एनआइटी की भी है, जहां औसतन 34 फीसद पद खाली है।
नई शिक्षा नीति पर आधारित पाठ्यक्रम वर्तमान सत्र से लागू करेंगे केंद्रीय विश्वविद्यालय
वहीं, दूसरी ओर केंद्रीय विश्वविद्यालय, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) और निजी क्षेत्र के उच्च शैक्षिक संस्थान वर्तमान सत्र से ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति के मुताबिक पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए तैयार हैं। केंद्रीय विश्वविद्यालय नए गैर-तकनीकी स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों पर काम कर रहे हैं जिसमें छात्र 12वीं करने बाद सीधे स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश ले सकेंगे। यह पहल नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में उल्लिखित कई बार प्रवेश और कई बार निकासी की व्यवस्था पर आधारित है।
