06 June, 2026 (Saturday)

BSEB Bihar Board Matric Exam 2021 : बिहार बोर्ड मैट्रिक साइंस के पेपर में प्वॉइंट वाइज दें उत्तर, समय का ख्याल रखें

बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा 2021 के विज्ञान विषय में हमेशा प्वाइंट वाइज उत्तर लिखने का प्रयास करें। प्वाइंट में उत्तर होने से परीक्षक उसे अच्छे से देख पाते हैं। अंक भी पूरा मिलता है। विज्ञान विषय में समय प्रबंधन भी बहुत जरूरी है। इसका अभ्यास अभी से छात्रों को करना चाहिए। किस विषय पर कितना समय परीक्षा हॉल में देना है, इसका अगर अभ्यास अभी से करेंगे तो सारे प्रश्नों का उत्तर निर्धारित समय पर दे सकेंगे। ये सलाह हिन्दुस्तान कार्यालय में आयोजित मैट्रिक टेली काउंसिलिंग के दौरान शिक्षिका निशि कुमारी ने दी। महादेव उच्च माध्यमिक विद्यालय खुसरूपुर की विज्ञान शिक्षिका निशि कुमारी ने कहा कि अभी लगभग दो महीने का समय है। परीक्षार्थियों को समय प्रबंधन पर विशेष ध्यान देना चाहिए।  काउंसिलिंग के दौरान छात्रों द्वारा सिलेबस कटौती से संबंधित पूछे गये सवाल पर शिक्षिका निशि कुमारी ने कहा कि सिलेबस को कम नहीं किया गया है। प्रश्नों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। विकल्प वाले प्रश्न अधिक रह सकते हैं। लेकिन उत्तर उतने ही प्रश्नों का देना है,  जितना अब तक छात्र देते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सारे चैप्टर महत्वपूर्ण होते हैं। एक चैप्टर दूसरे चैप्टर से जुड़े होते हैं।

जहां जरूरत हो, वहां डायग्राम जरूर बनाएं : शिक्षिका निशि ने बताया कि विज्ञान के तीनों सेक्शन भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीवविज्ञान में डायग्राम वाले प्रश्न रहेंगे। इसके लिए छात्रों को ध्यान देना चाहिए। डायग्राम वाले प्रश्न में डायग्राम अच्छे से बनाएं। इसकी लेवरिंग हमेशा दायीं तरफ करें। इसकी तैयारी अभी से करनी चाहिए। दीर्घ उत्तरीय प्रश्न की तैयारी पर शिक्षिका निशि ने बताया कि गेस पेपर से पढ़ाई न करें। दीर्घ उत्तरीय प्रश्न की तैयारी बीटीबीसी से करें। दीर्घ उत्तरीय प्रश्न पढ़ने या याद करने के बाद लिखकर अभ्यास करें।

इन चैप्टरों से करें तैयारी 
रसायन शास्त्र :  रासायनिक अभिक्रियाएं एवं समीकरण, अम्ल, क्षारक और लवण, धातु एवं अधातु, कार्बन एवं उसके यौगिक, तत्वों का आवर्त वर्गीकरण।

जीवविज्ञान : जैव प्रक्रम, नियंत्रण एवं समन्वय, जीव जनन कैसे करते हैं, आनुवंशिकता एवं जैव विकास।

भौतिकी : प्रकाश-परावर्तन तथा अपवर्तन, मानव नेत्र तथा रंग-बिरंगा संसार, विद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाव, ऊर्जा के स्रोत, हमारा पर्यावरण, प्राकृतिक संसाधनों का प्रबंधन।

–  किस प्रश्न को कितना समय देना है, पहले से तय कर लें
– गेस पेपर से पढ़ाई न करें, उत्तर याद कर लिखने का करें अभ्यास

वस्तुनिष्ठ प्रश्न : 40 अंक 
लघु उत्तरीय प्रश्न
24 अंक के 12 प्रश्नों का उत्तर देना है (इनमें भौतिकी से चार, रसायन शास्त्र से चार और जीवविज्ञान से चार प्रश्न रहेंगे)

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न 
16 अंक के तीन प्रश्न रहेंगे। भौतिकी, रसायन शास्त्र और जीवविज्ञान से एक-एक प्रश्न रहेगा। भौतकी से छह अंक का और रसायन शास्त्र और जीवविज्ञान से पांच-पांच अंक का सवाल रहेगा।

ऐसा रहेगा विज्ञान का अंक पैटर्न 
कुल अंक 100
प्रायोगिक परीक्षा  20 अंक
सैद्धांतिक परीक्षा  80 अंक

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