07 November, 2026 (Saturday)

नरक चतुर्दशी या छोटी दिवाली 2026: यम का दीपक कब और कैसे जलाएं? जानें सही समय, दिशा और नियम

धनतेरस की तरह ही छोटी दिवाली यानी नरक चतुर्दशी पर भी यम का दीपक जलाने का विशेष महत्व माना जाता है। इस साल छोटी दिवाली 7 नवंबर 2026 को मनाई जा रही है। जानिए इस दिन यम का दीपक कब और कैसे जलाएं।
Choti Diwali Par Yam Ka Deepak Kab Jalaye: यदि आप धनतेरस के दिन यम के नाम का दीपदान नहीं कर पाए थे, तो आपके पास आज छोटी दिवाली पर भी यह शुभ कार्य करने का पूरा अवसर है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नरक चतुर्दशी यानी छोटी दिवाली के दिन भी यमराज के लिए दीपदान करने का विशेष महत्व माना जाता है। यही वजह है कि कई लोग इसी दिन शाम के समय यम का दीपक निकालते हैं। इसके अलावा, इस दिन नाली के पास एक दीपक जलाने की भी विशेष परंपरा है, साथ ही कई जगहों पर नरकासुर के निमित्त भी दीपदान किया जाता है। आइए जानते हैं कि नरक चतुर्दशी पर यमराज का दीपक जलाने का सही समय और विधि क्या है।

छोटी दिवाली या नरक चतुर्दशी पर यम का दीपक कितने बजे जलाएं?
छोटी दिवाली या नरक चतुर्दशी पर यम का दीपक जलाने का शुभ समय शाम 05:32 से रात 08:09 बजे तक रहेगा।

छोटी दिवाली या नरक चतुर्दशी पर नाली के पास दीपक क्यों जलाना चाहिए?
आचार्य इंदु प्रकाश जी के अनुसार आज नरक चर्तुदशी के दिन हर किसी को घर की नाली पर कम से कम एक दिया जरूर जलाना चाहिए। आज के दिन नालियों पर दीपक जलाने की यह व्यवस्था हमें सिखाती हैं कि घर की और आस-पास की सभी नालियां हमेशा साफ-सुथरी रहनी चाहिए और जल की निकासी कभी भी रूकनी नहीं चाहिए क्योंकि घर की नालियों की स्थिति का सीधा संबंध घर की आर्थिक स्थिति से होता है।

यम का दीपक किस दिशा में जलाएं?
यमराज का दीपक दक्षिण दिशा में ही जलाया जाना चाहिए क्योंकि दक्षिण दिशा यमराज की दिशा मानी जाती है। साथ ही इस दीपक को घर के मुख्य द्वार से बाहर जलाकर रखना चाहिए।

यम का दीपक जलाने की विधि और मंत्र
छोटी दिवाली यानी नरक चतुर्दशी पर यमराज के नाम से एक चौमुखा दीपक जलाया जाता है। इस दीपक में सरसों या तिल का तेल डालें और फिर उसकी चारों दिशाओं में चार बत्तियां लगाएं। दीपक के नीचे थोड़े से अक्षत जरूर रखें। इस दीपक को घर के मुख्य द्वार के बाहर दक्षिण दिशा की ओर जलाएं। दीपक जलाने के बाद हाथ जोड़कर यमराज का ध्यान करें और परिवार के सभी सदस्यों की लंबी आयु और अकाल मृत्यु से रक्षा की प्रार्थना करें। दीपक जलाते समय यह मंत्र बोलें – मृत्युना पाशदण्डाभ्यां कालेन च मया सह। त्रयोदश्यां दीपदानात् सूर्यजः प्रीयतां मम॥

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed