एमपी के नगर परिषद चुनाव में खाली कुर्सी को मिली जीत, कुसुम पस्तोर को छोड़ना पड़ेगा पद
मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले में खाली कुर्सी को जीत मिली है। मामला जेरोन खालसा नगर परिषद का है। यहां मतदान के बाद मिली हार के बाद अब नगर परिषद अध्यक्ष कुसुम पस्तोर को अपना पद छोड़ना पड़ेगा।
मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले से एक अनोखा मामला सामने आ रहा है। यहां की जेरोन खालसा नगर परिषद में ‘राइट टू रिकॉल’ (Right to Recall) के तहत मतदान कराया गया। मतदान का रिजल्ट आया तो ‘खाली कुर्सी’ की जीत हुई है। इस तरह से नगर परिषद अध्यक्ष कुसुम पस्तोर को अपना पद छोड़ना पड़ा है। बता दें कि कुसुम पस्तोर को पद से हटाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था, जिसके बाद 4 नवबंर को मतदान कराया गया। वहीं इस चुनाव में कुसुम पस्तोर से ज्यादा मत खाली कुर्सी को मिले हैं, जिसके बाद उन्हें अब कुर्सी छोड़नी पड़ेगी।
कुसुम पस्तोर को छोड़नी होगी कुर्सी
दरअसल, निवाड़ी की जेरोन खालसा नगर परिषद में अध्यक्ष की कुर्सी को लेकर हुए उपचुनाव में बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिला है। यहां पृथ्वीपुर के डिग्री कॉलेज में सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू हुई। इसमें खाली कुर्सी को 2633, जबकि भरी कुर्सी को 2167 वोट मिले। इस तरह खाली कुर्सी 466 मतों से विजयी घोषित हुई। गौरतलब है कि अध्यक्ष कुसुम मातादीन पस्तोर के खिलाफ 12 पार्षदों द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के बाद 4 नवंबर को मतदान कराया गया था। नगर परिषद के 15 वार्डों में बनाए गए मतदान केंद्रों पर कुल 4800 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। इसमें खाली कुर्सी ने 466 वोटों से जीत दर्ज की, जबकि निवर्तमान अध्यक्ष कुसुम मातादीन पस्तोर को हार का सामना करना पड़ा।
खाली कुर्सी को मिले आधे से ज्यादा वोट
निर्वाचन अधिकारी विनीता जैन ने बताया कि जेरोन खालसा की पद रिक्ति को वापस बुलाने के लिए 4 नवंबर को मतदान हुआ था। इस दौरान 4800 वोट पड़े थे। 6 नवंबर को मतगणना हुई है। मतगणना में पद रिक्ति के लिए जो कुल वोट मिले हैं, वह 2633 हैं और जो वापस बुलाने के लिए वोट पड़े वह 2167 हैं। ऐसे में 4800 मतों में से हमें आधे से ज्यादा मत पद रिक्ति के लिए मिले हैं। इस तरह से जो सीट रही है वो पद रिक्त मानी जाएगी। यह मतगणना दो चरणों में हुई थी। पहले चरण में पहले से आठवें मतदान केंद्र की मतगणना संपन्न हुई थी और दूसरे चरण में नौवें से पंद्रहवीं तक राउंड तक की मतगणना संपन्न हुई। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी अच्छी थी। एसपी और एसडीओपी का अच्छा सहयोग रहा। अब जो प्रमाण पक्ष है वह हम जिला निर्वाचन अधिकारी को भेज देंगे, जो भी निर्णय होगा वह मान्य होगा।
