22 July, 2026 (Wednesday)

PM आवास के बाहर Congress का प्रदर्शन, राहुल गांधी-प्रियंका भी शामिल, जानें कांग्रेस की क्या है मांग ?

जंतर मंतर पर चल रहे प्रदर्शन में राहुल गांधी और प्रियंका सहित कांग्रेस के कई नेता पहुंचे हैं। कई कांग्रेस नेता भी शामिल हैं। जानें कांग्रेस की क्या है मांग ?
नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस का पीएम आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन चल रहा है। राहुल गांधी ने कहा , पूरा देश जानता है कि एजुकेशन सिस्टम टूट चुका है, पर फिर भी ये अभी तक चल रहा है। प्रधानमंत्री चुप क्यों हैं, क्या कारण है? उन्हें छात्रों से माफी मांगनी चाहिए और पुलिसकर्मियों द्वारा छात्रों की पिटाई करने की इस हरकत को रोकना चाहिए, ये पूरी तरह से गलत है। बता दें कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लेकर दूसरी तरफ जंतर-मंतर पर आज भी प्रोटेस्ट जारी है, कल पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई, पत्थरबाजी हुई थी, इसे लेकर सियासी हलचल तेज है।

राहुल गांधी ने पूछा सवाल
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज पहले स्पीकर ओम बिरला से मिले थे और लोकसभा में NEET पेपर लीक पर चर्चा की मांग की थी। इसके बाद, राहुल गांधी अपनी बहन प्रियंका गांधी के साथ RML अस्पताल पहुंचे और घायल प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। राहुल गांधी इसे लेकर सरकार पर हमलावर हैं और धर्मेंद्र प्रधान के साथ गृहमंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी के सांसद प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं।

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राहुल गांधी ने कहा, धर्मेंद्र प्रधान तो एक मध्यस्थ हैं और उन्हें निश्चित रूप से इस्तीफ़ा देना चाहिए, लेकिन छात्रों की पिटाई, धर्मेंद्र प्रधान ने नहीं की है, ऐसा गृह मंत्री ने किया है और उन्हें भी इस्तीफ़ा देना चाहिए और गृह मंत्री प्रधानमंत्री को रिपोर्ट करते हैं। तो पीएम को भी इस लिहाज से इस्तीफ़ा देना चाहिए। देश में आखिर ये सब क्या हो रहा है।

राहुल गांधी ने मांगा इस्तीफा

कल युवा छात्रों के साथ हुई बर्बरता के बारे में जवाब मांगने के लिए हम प्रधानमंत्री मोदी के घर तक मार्च कर रहे हैं। सरकार न तो कोई ज़िम्मेदारी लेना चाहती है और न ही संसद में इस पर कोई बहस करना चाहती है। भारत के युवाओं का भविष्य बर्बाद करने के लिए प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को इस्तीफ़ा दे देना चाहिए।

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