शुभेंदु अधिकारी: ममता के पूर्व राइट हैंड, अविवाहित ‘हिंदू हृदय सम्राट’ जो संभालने जा रहे बंगाल की सत्ता
बंगाल में इतिहास बनाते हुए पहली बार बीजेपी सत्ता में आई तो इस जीत में अगर कोई एक नाम सबसे ज्यादा चमका तो वह है- शुभेंदु अधिकारी। शुभेंदु अधिकारी बीजेपी की जीत के आर्किटेक्ट माने जाते हैं, जिन्होंने बीजेपी का आंकड़ा 207 तक पहुंचा दिया।
थोड़ी देर में बंगाल में बीजेपी विधायक दल की बैठक शुरू होने जा रही है, जहां शुभेंदु अधिकारी के नाम पर औपचारिक तौर पर मुहर लगेगी। बीजेपी के चाणक्य अमित शाह खुद शुभेंदु के नाम का ऐलान करेंगे। दरअसल, साल 2020 में अमित शाह ने जब बंगाल विजय की रणनीति तैयार की थी तब उन्होंने 19 दिसंबर 2020 को कभी ममता बनर्जी के राइट हैंड रहे शुभेंदु अधिकारी को बीजेपी में शामिल कराया था। इस दौरान भरे मंच पर शुभेंदु अधिकारी ने पैर छूकर अमित शाह का आशीर्वाद लिया था। इसके बाद अमित शाह लगातार शुभेंदु के पीछे मजबूत दीवार बनकर खड़े रहे और आज जब बंगाल विजय के बाद अमित शाह कोलकाता पहुंचे तो एयरपोर्ट पर शुभेंदु अधिकारी को पीठ ठोंककर आशीर्वाद दिया।
ममता के गढ़ में जाकर दी मात
पिछली बार जब बीजेपी जब 77 सीटों पर सिमट गई थी तब अमित शाह ने शुभेंदु अधिकारी को विधानसभा का नेता प्रतिपक्ष बनाया और इस बार अमित शाह ने शुभेंदु अधिकारी को ममता के खिलाफ भवानीपुर से चुनावी मैदान में उतारा। शुभेंदु ने भी ये साबित कर दिया कि ममता को उनके गढ़ में जाकर मात देने की क्षमता अगर किसी में है तो वो सिर्फ शुभेंदु अधिकारी में हैं।
शुभेंदु ही क्यों बनेंगे बंगाल के मुख्यमंत्री?
बंगाल में शुभेंदु अधिकारी एकमात्र ऐसे नेता हैं जिन्होंने एक बार नहीं 2-2 बार TMC सुप्रीमो और पश्चिम बंगाल की तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हराया।
2021 में नंदीग्राम में हराया और इस बार ममता के गढ़ भवानीपुर में जाकर दीदी को मात दी। इसके बाद शुभेंदु की दावेदारी और मजबूत हो गई।
शुभेंदु अधिकारी बीजेपी की जीत के आर्किटेक्ट भी माने जाते हैं, जिन्होंने बीजेपी का आंकड़ा 207 तक पहुंचा दिया।
नेता प्रतिपक्ष रहे हैं इसलिए प्रशासनिक अनुभव भी है।
पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के भरोसेमंद भी हैं और बीजेपी नेता भी कह रहे हैं कि मुख्यमंत्री वही बनेगा जो हिंदू हृदय सम्राट होगा
