05 June, 2026 (Friday)

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026: एनडीए का सीट शेयरिंग फॉर्मूला तय, जानें किसे कितनी सीटें मिलीं

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव को लेकर एनडीए में सीट बंटवारे का फॉर्मूला आज तय हो गया। एआईएडीएमके मुख्यालय में हुई बैठक में बीजेपी नेता पीयूष गोयल भी मौजूद थे। इस बैठक में सीट बंटवारे को अंतिम रूप दिया गया।
चेन्नई: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए एनडीए के घटक दलों के बीच सीटों के बंटवारे का फॉर्मूला तय हो गया है। सोमवार चेन्नई स्थित AIADMK मुख्यालय में एक अहम बैठक में सीट बंटवारे को अंतिम रूप दिया गया। AIADMK के महासचिव और पूर्व सीएम के पलानीसामी और बीजेपी के सीनियर नेता और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल की मौजूदगी में सीट बंटवारे को अंतिम रूप दिया गया।

बीजेपी 27 सीटों पर लड़ेगी चुनाव
इस समझौते के मुताबिक राज्य में 23 अप्रैल को विधानसभा की कुल 234 सीटों पर होनेवाले चुनाव के लिए AIADMK ने बीजेपी को 27 सीटों दी है जबकि पीएमके 18 सीटों पर चुनाव लड़ेगी वहीं AMMK को 11 सीटें मिली हैं।
बैठक में एआईएडीएमके नेता के. पलानीस्वामी, केंद्रीय मंत्री और भाजपा तमिलनाडु चुनाव प्रभारी पीयूष गोयल, राज्य भाजपा अध्यक्ष नैनार नागेंथ्रान, पीएमके अध्यक्ष अंबुमणि रामदास और एएमएमके महासचिव टीटीवी दिनाकरन अन्नाद्रमुक मुख्यालय में मौजूद थे।

सत्तारूढ़ गठबंधन को मात देने का भरोसा
एनडीए के नेताओं ने यह विश्वास जताया है कि एनडीए राज्य में पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में आएगा। सीट बंटवारे के इस फॉर्मूले के साथ ही एआईएडीएमके ने अपने प्रमुख सहयोगियों को साधने की कोशिश की है ताकि सत्तारूढ़ गठबंधन को कड़ी टक्कर दी जा सके।BJP नेता तमिलिसाई सौंदरराजन ने कहा, “हम बहुत खुश हैं। हमने एक बहुत मज़बूत गठबंधन बनाया है। हमारा गठबंधन चुनाव जीतने वाला है।”

234 में से 200 से ज़्यादा सीटें जीतेंगे-रामदास
PMK अध्यक्ष अंबुमणि रामदास ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था की बहुत बड़ी समस्या है। हर दिन महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार हो रहा है। हमें पूरा भरोसा है कि हम 234 में से 200 से ज़्यादा सीटें जीतकर सत्ता में आएंगे। अगर DMK ने पिछले पांच सालों में तमिलनाडु के लिए इतना कुछ किया है, तो उन्हें गठबंधन के लिए इतनी सारी पार्टियों की ज़रूरत क्यों पड़ रही है? अगर आपने तमिलनाडु के लिए इतना कुछ किया है, तो आप अपनी उपलब्धियों के दम पर चुनाव लड़िए; भ्रष्टाचार, वसूली और कमीशन के अलावा उन्होंने कोई उपलब्धि हासिल नहीं की है। रामदास ने कहा कि DMK डरी हुई है। लोगों ने उन्हें पहले ही पांच साल का मौका दिया है और अब लोग उन्हें सत्ता से बाहर निकालने का इंतज़ार कर रहे हैं।

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