अच्छी नींद के बावजूद सुस्ती लगे तो हो सकता है इडियोपैथिक हाइपरसोम्निया
वॉशिंगटन (ईएमएस)। रात भर गहरी नींद लेने के बाद भी सुबह सुस्त और थके हुए महसूस करें, तो यह सिर्फ थकान नहीं बल्कि एक दुर्लभ नींद संबंधी बीमारी इडियोपैथिक हाइपरसोम्निया का संकेत हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार यह एक न्यूरोलॉजिकल स्लीप डिसऑर्डर है, जिसमें व्यक्ति पर्याप्त नींद लेने के बावजूद दिन में भी अत्यधिक नींद महसूस करता है और खुद को जागृत नहीं रख पाता। इडियोपैथिक हाइपरसोम्निया से पीड़ित लोग औसतन सामान्य व्यक्तियों की तुलना में कहीं अधिक घंटे सोते हैं। बावजूद इसके, जागने पर वे सुस्ती और भ्रम की स्थिति में रहते हैं। यह थकान दिनभर बनी रह सकती है, जिससे पढ़ाई, नौकरी या दैनिक कामकाज प्रभावित होते हैं।
यह स्थिति अक्सर अन्य बीमारियों जैसे डिप्रेशन, बाइपोलर डिसऑर्डर या नार्कोलेप्सी से मिलती-जुलती लगती है, जिसके कारण कई मरीजों को सही निदान मिलने में महीनों या वर्षों तक का समय लग जाता है। 2024 में प्रकाशित एक शोध रिपोर्ट के अनुसार, यह बीमारी मस्तिष्क के उस हिस्से से जुड़ी है जो नींद और जागने के चक्र को नियंत्रित करता है। जब यह प्रणाली असंतुलित हो जाती है, तो व्यक्ति को जरूरत से ज्यादा नींद की इच्छा होती है। अभी तक इस बीमारी का कोई निश्चित कारण या स्थायी इलाज सामने नहीं आया है।
हालांकि, शोधकर्ता मानते हैं कि यह मस्तिष्क के न्यूरोट्रांसमीटर और नींद नियंत्रक हार्मोन के असंतुलन से जुड़ा हो सकता है। इलाज मुख्य रूप से लक्षणों को कम करने और मरीज के रोजमर्रा के जीवन को सहज बनाने पर केंद्रित होता है। डॉक्टर आमतौर पर रोगियों को एक नियमित नींद का समय तय करने, साफ-सुथरे और आरामदायक बिस्तर का इस्तेमाल करने, और दिनभर सक्रिय रहने की सलाह देते हैं। कुछ मामलों में दवाइयों से जागरूकता बढ़ाने की कोशिश की जाती है।
