ब्रिक्स बैंक का सदस्य बना मिस्त्र, भारत ने किया स्वागत
ब्रिक्स नव विकास बैंक(एनडीबी) ने बुधवार को मिस्त्र को नए सदस्य के रूप में शामिल किए जाने की घोषणा की। मिस्त्र एनडीबी में शामिल होने वाला चौथा नया सदस्य है। उससे पहले बांग्लादेश, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और उरुग्वे को सदस्य के रूप में शामिल किया गया था। भारत ने मिस्त्र को एनडीबी में शामिल करने का स्वागत किया है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने बुधवार को कहा कि एनडीबी की सदस्यता में विस्तार से यह उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं के लिए एक प्रमुख विकास संस्थान के रूप में अपनी स्थिति को और मजबूत करेगा।
वहीं इससे पहले एनडीबी के अध्यक्ष मार्कोस ट्रायजो ने कहा, ‘हम मिस्त्र का एनडीबी परिवार में स्वागत करते हैं। हम मिस्त्र के बुनियादी ढांचे और सतत विकास के लिए निवेश की जरूरतों को पूरा करना चाहेंगे।’
आपको मालूम हो कि एनडीबी की स्थापना ब्रिक्स देशों ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका ने की थी। इसकी औपचारिक रूप से शुरुआत जुलाई, 2015 में हुई थी और इसका मुख्यालय शंघाई में है। यह बैंक मुख्य रूप से परिवहन, जल, निकासी, स्वच्छ ऊर्जा, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर और शहरी विकास जैसे क्षेत्रों में परियोजनाओं को वित्तीय मदद उपलब्ध कराता है।
मिस्र के वित्त मंत्री डा मोहम्मद मैत ने कहा
मिस्र के वित्त मंत्री डा मोहम्मद मैत ने कहा, ‘एनडीबी ने उभरते बाजारों और विकासशील देशों के लिए खुद को प्रमुख बहुपक्षीय विकास बैंकों में से एक के रूप में स्थापित किया है। मिस्र एनडीबी परिवार में शामिल होने के निर्णय को पूरी तरह से स्वीकार करता है और आने वाले वर्षों में बैंक के साथ एक मजबूत साझेदारी और जुड़ाव बनाने की आशा करता है। एनडीबी की मजबूत वित्तपोषण क्षमता और प्रासंगिक विशेषज्ञता मिस्र को अपनी वित्तीय जरूरतों को पूरा करने और उन्नयन के अपने प्रयासों को बढ़ाने में मदद करेगी।’
